रायगढ़। बरसात का मौसम ग्रामीण अंचलों में जहां जनजीवन को प्रभावित करता है, वहीं स्कूली बच्चों के लिए यह कई नई चुनौतियां भी लेकर आता है। कच्चे रास्तों और लगातार बारिश के कारण अक्सर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में बी.एस. स्पंज प्रबंधन ने सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए क्षेत्र के कई शासकीय विद्यालयों में छाता वितरण कर बच्चों की शिक्षा के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है।

कंपनी की ओर से ग्राम नावापारा (टेंडा) के शासकीय प्राथमिक विद्यालय के साथ-साथ चारमार, भेंगारी, खोखरोआमा और बांसमुड़ा के शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को छाते वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य केवल बारिश से बचाव करना नहीं, बल्कि बच्चों को हर परिस्थिति में नियमित रूप से विद्यालय पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

छाता वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसरों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। नए छाते पाकर बच्चों के चेहरों पर मुस्कान साफ झलक रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दिनों में स्कूल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में यह पहल बच्चों के लिए राहत के साथ-साथ प्रेरणा का भी माध्यम बनी है।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बी.एस. स्पंज की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निजी संस्थानों की ऐसी जिम्मेदार भागीदारी ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) का एक सार्थक और जमीनी उदाहरण बताया।

इस अवसर पर अतिथियों ने बच्चों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया और अभिभावकों से अपील की कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधन ने बी.एस. स्पंज परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में बी.एस. स्पंज प्राइवेट लिमिटेड की लीगल टीम से विपुल माली, सीएसआर टीम से पवन तिवारी और तेजस्वी बेसेन विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा रमेश गुप्ता, सुभाष गुप्ता, बीडीसी राजेंद्र गुप्ता, अभिराम गुप्ता, नावापारा के सरपंच दौलत राम राठिया सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित विद्यालयों के शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
क्षेत्रीय विकास में निभा रही अहम भूमिका
उल्लेखनीय है कि बी.एस. स्पंज कंपनी अपने सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। नावापारा (टेंडा) सहित आसपास के गांवों में किया गया यह छाता वितरण कार्यक्रम इसी निरंतर प्रयास का हिस्सा है, जो यह संदेश देता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़े और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

