अंतर-महाविद्यालयीन क्रीड़ा प्रतियोगिता में रायगढ़ के किरोड़ीमल महाविद्यालय ने जीता खिताब, घरघोड़ा की टीम ने खेल कौशल और टीम भावना से छोड़ी छाप
घरघोड़ा। मैदान में जबरदस्त जोश, शानदार तालमेल और जीत के लिए आखिरी क्षण तक संघर्ष—इन्हीं खूबियों के दम पर डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय, घरघोड़ा की महिला कबड्डी टीम ने अंतर-महाविद्यालयीन क्रीड़ा प्रतियोगिता में उपविजेता का खिताब हासिल कर घरघोड़ा का मान बढ़ाया।
छत्तीसगढ़ शासन के खेल कैलेंडर के अंतर्गत शहीद नंद कुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ द्वारा आयोजित अंतर-महाविद्यालयीन क्रीड़ा प्रतियोगिता की महिला कबड्डी स्पर्धा में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में घरघोड़ा की खिलाड़ियों ने पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ खेलते हुए अपने दमदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में शासकीय किरोड़ीमल महाविद्यालय, रायगढ़ की टीम विजेता रही, जबकि डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय, घरघोड़ा की महिला टीम ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया।
खेल के साथ बढ़ रहा बेटियों का आत्मविश्वास
घरघोड़ा की महिला खिलाड़ियों की यह उपलब्धि केवल एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महाविद्यालय में खेल गतिविधियों को मिल रहे प्रोत्साहन और छात्राओं की बढ़ती भागीदारी का भी उदाहरण है। खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान खेल कौशल, अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का शानदार परिचय दिया।
महाविद्यालय में बी.ए., बी.एससी., बी.सी.ए., डी.सी.ए., पी.जी.डी.सी.ए., एम.एससी. एवं एम.ए. सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), रेड क्रॉस तथा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों में भी विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
उपलब्धि से महाविद्यालय में खुशी का माहौल
महिला कबड्डी टीम की इस सफलता से महाविद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। महाविद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने महिला खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धि पर बधाई दी तथा भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
घरघोड़ा की बेटियों ने कबड्डी के मैदान में अपनी मेहनत और हौसले से यह संदेश दिया है कि सुविधाएं और अवसर मिलें तो ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
