मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मौजूदगी में रातभर चला भव्य सांस्कृतिक आयोजन, देवदास बंजारे की स्मृति में कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुतियां




अभनपुर। भक्तिन कुटी अभनपुर में प्रदेश स्तरीय सतनाम पंथी महोत्सव का भव्य एवं वृहद आयोजन किया गया। पंजीकृत कलाकार संगठन सतनाम संस्कृति एवं संगीत अकादमी के प्रदेश अध्यक्ष हृदय प्रकाश अनंत के संयोजन तथा संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में प्रदेशभर से पहुंचे करीब 500 कलाकारों ने एक मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर सतनाम पंथ की संस्कृति, परंपरा और एकता का जीवंत संदेश दिया।

यह आयोजन महान पंथी कलाकार पद्मश्री देवदास बंजारे के सम्मान एवं उनकी कला-साधना को स्मरण करते हुए आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब रहे। उनकी मौजूदगी में कलाकारों ने पंथी भजन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरी रात भक्तिमय और सांस्कृतिक वातावरण बनाए रखा।
महोत्सव की सबसे खास बात यह रही कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए सतनामी समाज के कलाकारों ने आपसी एकता और सांस्कृतिक समरसता का परिचय देते हुए एक ही मंच पर सामूहिक रूप से सतनाम पंथी भजन की प्रस्तुति दी। एक साथ बड़ी संख्या में कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में पद्मश्री आर.एस. बारले, पद्मश्री डॉ. ऊषा बारले, हृदय अनंत, सुखचंद भास्कर, द्वारका बरमन, शिवा जांगड़े, चंदन बांधे, दिलीप नवरत्न, शशि सतनामी, दिनेश जांगड़े, गोरेलाल बर्मन, भगत गुलेरी, किरन भारती, रामबिलास खूंटे, गोफे लाल, दिलीप डहरिया, रोहित डहरिया, आगर आनंद, वीरेंद्र चतुर्वेदी, श्याम कुटिलिहा, अमित कमल, मनोज आदिल, सनम टंडन, सतवन टंडन, पंडित रामजोशी, संजय नारंग, संजू धृतलहरे, सनत गिलहर, धनीराम चांदने, कृष्णा रात्रे, टी.आर. कुर्बान, हीराधर बंजारे, दुष्यंत खूंटे, प्रतिमा बारले, शामें देवी, भगवती तन्देश्वरी, ऊषा खूंटे, जानकी, कौशल्या, पार्वती, यशोदा, सुकमत, मंजिमा सहित बड़ी संख्या में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।
जनप्रतिनिधियों और सामाजिक प्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
महोत्सव में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, युवराज गुरु सौरभ साहेब, प्रदेश अध्यक्ष सतनामी समाज एल.एल. कोशले, बबलू त्रिवेंद्र, अध्यक्ष राधाकृष्ण टंडन, कमल कुर्रे, धनेश्वरी डण्डे, नीलकमल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
कला के साथ एकता का भी दिखा संदेश
सतनाम पंथी महोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने प्रदेशभर के सतनामी कलाकारों को एक मंच पर जोड़कर सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का मजबूत संदेश दिया। रातभर चली पंथी भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भक्तिन कुटी के वातावरण को सतनाम के जयघोष और लोक संस्कृति की ऊर्जा से भर दिया।
आयोजकों के अनुसार, ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा और पंथी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ कलाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
