‘मोदी की गारंटी’ में की गई घोषणाओं को लागू करने की मांग, प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने आंदोलन का किया ऐलान




घरघोड़ा/रायगढ़। प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की छह सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघ की ओर से आगामी 30 सितंबर 2026 को संभागीय मुख्यालय में विशाल धरना एवं रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपकर सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की जाएगी।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं और पूर्व में सौंपे गए ज्ञापनों पर अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं होने से प्रदेशभर के कर्मचारियों में तीव्र असंतोष व्याप्त है। संघ की दिनांक 2 अगस्त 2026 को आयोजित साधारण सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार अब चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 30 सितंबर को संभाग स्तर पर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला शाखा अध्यक्ष एवं प्रमुख प्रांतीय महामंत्री संतोष कुमार पांडेय तथा कार्यकारी अध्यक्ष संजीव सेठी ने बताया कि संघ लंबे समय से कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को धरातल पर लागू किया जाना आवश्यक है।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख छह मांगें
1. महंगाई भत्ता एवं एरियर्स:
केंद्र की तिथि 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किए जाने का हवाला देते हुए संघ ने छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों को भी केंद्रीय कर्मचारियों की भांति देय तिथि से महंगाई भत्ता देने तथा पेंशनरों को महंगाई राहत प्रदान करने की मांग की है। साथ ही डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित करने की मांग रखी गई है।
2. कैशलेस चिकित्सा सुविधा:
विधानसभा के बजट सत्र में कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक नियम एवं निर्देश जारी नहीं होने पर संघ ने तत्काल आदेश जारी करने की मांग की है।
3. अवकाश नगदीकरण 300 दिन:
केंद्रीय कर्मचारियों एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के कर्मचारियों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्ति के समय 240 दिन के स्थान पर 300 दिनों के अवकाश नगदीकरण का लाभ देने की मांग की गई है।
4. संविदा एवं अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण:
संघ ने संविदा, दैनिक वेतनभोगी एवं अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित करने तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
5. शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति से सेवा लाभ:
शिक्षक एलबी संवर्ग के कर्मचारियों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई है।
6. अनुकम्पा नियुक्ति की 10 प्रतिशत सीमा समाप्त हो:
संघ ने अनुकम्पा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त कर सभी पात्र मामलों में अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की मांग उठाई है।
संभागभर से कर्मचारियों को जुटाने की तैयारी
आंदोलन को सफल बनाने के लिए जिला मुख्यालय सहित पुसौर, खरसिया, धर्मजयगढ़, लैलूंगा, तमनार और घरघोड़ा क्षेत्र के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
संघ से जुड़े शेख कलीमुल्ला, संजीव सेठी जाटवर, विकास तिवारी, विनोद शरंगी, शैलेश शर्मा, हितेंश देवांगन, जफर उल्ला सिद्दीकी, अभिषेक गुप्ता, पी.आर. भास्कर, भागीरथी प्रधान गुप्ता, रमन यादव, मानसाय यादव, गुलाब सिंह कंवर, अनिल गभेल, शिवशंकर पांडेय, अजित नायक, हकीम, आशीष, पी.आर. भारद्वाज, विकास सिन्हा, प्रफुल्ल पटनायक, रामपाल राठिया, फागुलाल, राजेश पटनायक, विक्रम शर्मा, आशीष शर्मा, रोहित डनसेना, सुरेंद्र भाटिया, अश्विनी दर्शन, सर्वेश मरावी, विनोद मेहर, ऋषिकेश साहू, वरुण गुप्ता, सुरेंद्र होता, खेमसागर पैकरा, रामकुमार पटेल, सूरज पैकरा, मोहन चौहान, तिलसागर साहू, भीमसेन साहू, कैलास पटेल, विजय पंडा, संजय पंडा, दिनेश सिंह, वीर सिंह, प्रियंक, सीमा खान, सीमा महंत सहित अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से बड़ी संख्या में संभागीय धरना-रैली में पहुंचने की अपील की है।
अब सरकार के फैसले पर टिकी कर्मचारियों की नजर
छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रस्तावित यह आंदोलन कर्मचारियों के बीच लगातार बढ़ रहे असंतोष को सामने लाने वाला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि 30 सितंबर के संभाग स्तरीय धरना और रैली से पहले सरकार कर्मचारियों की लंबित मांगों पर क्या निर्णय लेती है।
