
रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के समग्र विकास एवं भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुनील शर्मा भी उपस्थित रहे।
मुलाकात के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी मीडिया शिक्षण संस्थान बनाने की कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने नए शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवनों, आधुनिक मीडिया प्रयोगशालाओं, छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने हेतु राज्य सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
प्रो. दयाल ने बताया कि वर्तमान समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा जर्नलिज्म, डिजिटल मीडिया, मोबाइल जर्नलिज्म तथा क्षेत्रीय भाषा पत्रकारिता जैसे आधुनिक एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
बैठक में अकादमिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम, मीडिया संस्थानों के साथ साझेदारी (एमओयू), इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट के अवसरों में वृद्धि तथा प्रवेश क्षमता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी चर्चा की गई। परिसर में आधुनिक खेल मैदान, जिम तथा नियमित अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की दिशा में कार्य करने की योजना साझा की गई।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखते हुए उन्हें सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने “नशा मुक्त युवा, सशक्त छत्तीसगढ़” अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, काउंसलिंग सेंटर और करियर मार्गदर्शन केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय को देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थानों में स्थापित करने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्य बातें
- विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर का उत्कृष्ट मीडिया शिक्षण संस्थान बनाने की दिशा में पहल।
- एआई, डेटा जर्नलिज्म, डिजिटल मीडिया और मोबाइल जर्नलिज्म जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी।
- नए भवन, छात्रावास और अत्याधुनिक मीडिया लैब विकसित करने पर जोर।
- इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रमों का विस्तार।
- खेल सुविधाओं एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान।
- “नशा मुक्त युवा, सशक्त छत्तीसगढ़” अभियान को विश्वविद्यालय से जोड़ने की योजना।
