रायगढ़, 5 अगस्त 2026। जिले के खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रयासों के तहत कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से 15 करोड़ 85 लाख 60 हजार रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
इस स्वीकृति के साथ जिले के खनिज प्रभावित गांवों में अस्पतालों का उन्नयन, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों का निर्माण और स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इन परियोजनाओं से हजारों ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
स्वीकृत कार्यों में खरसिया विकासखंड के सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 88.81 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं धरमजयगढ़ विकासखंड के सिविल अस्पताल के निर्माण और उन्नयन के लिए 5.28 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा निवेश किया गया है। धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार और घरघोड़ा विकासखंडों में मॉडल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेंटर भवनों के निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए 9 करोड़ 56 लाख 18 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन केंद्रों के बनने से विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाएं, व्यावहारिक प्रशिक्षण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध होगा।
इसके अलावा लैलूंगा विकासखंड के ग्राम पंचायत कुर्रा में अतिरिक्त कक्ष सहित प्राथमिक शाला भवन के जीर्णोद्धार के लिए 3.48 लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत चोरंगा के माध्यमिक शाला भवन के जीर्णोद्धार के लिए 9.13 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि डीएमएफ मद से स्वीकृत इन विकास कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन से खनिज प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा और क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास को नई दिशा मिलेगी
