रायगढ़, 20 जुलाई 2026। जिले में ग्रामीण आबादी भूमि के अधिकार अभिलेख तैयार करने की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है।
सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने तहसीलवार प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वामित्व योजना, नक्शा बंटांकन, आंगनबाड़ी भवन निर्माण और जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का अधिकार अभिलेख समय पर उपलब्ध कराने के लिए सभी लंबित प्रक्रियाएं 30 जुलाई तक पूरी की जाएं।
721 गांवों में पहुंचा सर्वे, हजारों लोगों को मिलेगा मालिकाना हक
बैठक में बताया गया कि जिले के 721 गांवों में सर्वे ऑफ इंडिया से दूसरे चरण का नक्शा प्राप्त हो चुका है। इनमें से 619 गांवों में प्रारंभिक प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 88 गांवों में अंतिम प्रकाशन के बाद अब तक 2,991 अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं।

सबसे ज्यादा 1,293 अधिकार अभिलेख कापू तहसील में तैयार किए गए हैं, जबकि धरमजयगढ़ में 652 और रायगढ़ तहसील में 631 अभिलेख तैयार हुए हैं। जिले के कुल 892 गांवों में से 884 गांवों का ड्रोन सर्वे भी पूरा कर लिया गया है।
तहसीलदारों पर नाराज हुए कलेक्टर
बैठक में नक्शा बंटांकन के मामलों की समीक्षा के दौरान कई तहसीलों में धीमी प्रगति सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
जल जीवन मिशन और आंगनबाड़ी निर्माण पर भी सख्ती
कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत बंद और धीमी गति से चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित एसडीएम को नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में उदासीनता बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा जिले में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि जिन परियोजनाओं में काम धीमा है, वहां आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर कर समय-सीमा के भीतर निर्माण पूरा कराया जाए।
कर्मचारियों के समयमान वेतनमान और कोर्ट मामलों पर भी फोकस
बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि पात्र कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ नियमानुसार समय पर दिया जाए। साथ ही उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के जवाब समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत करने और विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने दो टूक कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ तय समय में लक्ष्यों को पूरा करना सुनिश्चित करें।

