रायगढ़, 27 जुलाई।
बरसात के मौसम में हाईवे पर अचानक सामने आ जाने वाले मवेशियों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रायगढ़ यातायात पुलिस ने एक सराहनीय और जनहितकारी पहल शुरू की है। अब सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के गले में रेडियम रिफ्लेक्टिव बैंड लगाए जा रहे हैं, ताकि रात के अंधेरे में भी वे वाहन चालकों को दूर से दिखाई दें और दुर्घटनाओं से बचाव हो सके।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह तथा यातायात थाना प्रभारी रोहित बंजारे के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान रायगढ़-खरसिया मार्ग सहित कोतरारोड क्षेत्र में सड़क और किनारे घूम रहे आवारा एवं घुमंतू मवेशियों के गले में रेडियम बैंड लगाए गए। साथ ही पुलिस मित्रों और पशुपालकों को भी रेडियम कॉलर बेल्ट वितरित कर उन्हें स्वयं भी यह पहल अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बरसात में बढ़ जाता है हादसों का खतरा
बरसात के दिनों में मवेशी अक्सर सड़क पर बैठ जाते हैं या अचानक सड़क पार करने लगते हैं। रात के समय कम दृश्यता के कारण तेज रफ्तार वाहन चालक उन्हें समय रहते नहीं देख पाते, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। रेडियम बैंड हेडलाइट की रोशनी पड़ते ही चमकने लगते हैं, जिससे चालक पहले ही सतर्क होकर वाहन की गति नियंत्रित कर सकते हैं।
सरपंचों और पशुपालकों से भी की अपील
यातायात पुलिस ने हाईवे किनारे बसे गांवों के सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और पशुपालकों से संवाद कर मवेशियों को खुले में सड़क पर नहीं छोड़ने की अपील की। उन्हें सलाह दी गई कि पशुओं के लिए घर अथवा गौठान में चारा-पानी की समुचित व्यवस्था करें और सभी मवेशियों के गले में रेडियम पट्टे अवश्य लगाएं।
वाहन चालकों से भी बरतें विशेष सावधानी
पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि बरसात और रात्रि के समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें, सतर्कता से वाहन चलाएं तथा हाईवे पर मवेशी दिखाई देने पर संयम और सावधानी बरतें। सड़क सुरक्षा में नागरिकों की भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया।
एसएसपी का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि—
“सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बरसात के मौसम में हाईवे पर घूमने वाले मवेशी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में सड़क पर न छोड़ें, उनके लिए घर अथवा गौठान में चारा-पानी की व्यवस्था करें और उनके गले में रेडियम बैंड लगाएं। जनसहयोग से ही यह अभियान सफल होगा।”
जनहित में अनोखी पहल
रायगढ़ यातायात पुलिस का यह अभियान केवल मानव जीवन की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेजुबान पशुओं की रक्षा का भी महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस पहल में ग्रामीण, पशुपालक और आम नागरिक सक्रिय सहयोग करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। यह अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

