
घरघोड़ा।“शिक्षा अधिकार है, व्यापार नहीं” – इसी नारे के साथ भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने घरघोड़ा में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया कि अधिकांश निजी विद्यालय शासन के आदेशों को ताक पर रखकर ट्यूशन फीस, विकास शुल्क, किताबों और पोशाक के नाम पर अभिभावकों से मनमाना वसूली कर रहे हैं।

27 अगस्त को ब्लॉक उपाध्यक्ष संपत कुर्रे के नेतृत्व में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और कहा कि गरीब-मजदूर परिवारों की जेब पर डाका डालना अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा विभाग ने तुरंत ठोस कदम नहीं उठाया तो चरणबद्ध आंदोलन कर जिम्मेदार अफसरों को जनता के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।भीम आर्मी ने कहा कि फीस न भर पाने पर बच्चों को कक्षा से निकालना और अपमानित करना आम बात बन गई है।
कई गरीब परिवार बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कर्ज तक लेने को मजबूर हैं। यह स्थिति शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है।
संगठन ने सवाल उठाया – जब राज्य सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि निजी विद्यालय अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूलेंगे, तो आदेशों की खुलेआम अवहेलना कैसे हो रही है? क्या शिक्षा विभाग केवल कागजों तक सीमित रह गया है?ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की पीड़ा को नजरअंदाज किया गया तो भीम आर्मी सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस शिकायत पर कितनी गंभीरता दिखाता है या फिर भीम आर्मी को बड़ा जनआंदोलन छेड़ना पड़ेगा।

