BhokochandBhokochand
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Search
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Reading: NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
BhokochandBhokochand
Font ResizerAa
Search
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Blog

NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा,

Basant Ratre
Last updated: July 25, 2026 4:25 pm
Basant Ratre 31 Views
Share
7 Min Read
IMG 20260725 WA0003
SHARE

युवाओं के नाम जारी किया खुला पत्रनई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए देश के युवाओं के नाम एक विस्तृत खुला पत्र जारी किया है। पत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल, शिक्षा सुधारों, NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं के भविष्य को लेकर अपनी बात रखी है।धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र में कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा उनका हमेशा यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की आधारशिला ।

NEET-UG 2026 विवाद पर दी सफाईउन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया और भविष्य में परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला भी लिया गया।

प्रधान ने दावा किया कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष ढंग से कराना थी। केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और अभिभावकों के सहयोग से पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई।‘

किसी मेधावी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया’पत्र में उन्होंने लिखा कि पहले दिन से उन्होंने पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की और परीक्षा माफिया के कारण किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होने देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि घोषित परिणामों में गरीब एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि के अनेक विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की, जो व्यवस्था में विश्वास का प्रमाण है।

युवाओं को गुमराह करने की कोशिश हुई’धर्मेंद्र प्रधान ने बिना किसी व्यक्ति या संगठन का नाम लिए आरोप लगाया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन की दिशा प्रभावित करने का प्रयास किया, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ।उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और उसे किसी भी प्रकार के भ्रम या राजनीतिक स्वार्थ का शिकार नहीं बनने देना चाहिए।

जंतर-मंतर आंदोलन का भी किया उल्लेखपत्र में उन्होंने जंतर-मंतर सहित देशभर में चल रहे छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों का लाभ राष्ट्र विरोधी ताकतों को नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपना समय पढ़ाई और अपने करियर पर केंद्रित करें तथा कानूनी विवादों में अपना भविष्य न उलझाएं।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभारधर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व, विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही मंत्रालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और अपने सहयोगियों का भी धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और भविष्य में भी वे देश एवं युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए कार्य करते रहेंगे।संभावित राजनीतिक महत्वयदि यह पत्र आधिकारिक रूप से जारी किया गया है, तो इसे केंद्र सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जाएगा। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और छात्र आंदोलनों को लेकर इस घटनाक्रम पर आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा होने की संभावना है।झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’:

CJP प्रमुख अभिजीत दीपके का बड़ा बयान; बोले— ‘वे कहते थे इस्तीफे नहीं होते’पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर जारी संघर्ष के बीच CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके ने एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। संगठन की ताकत और एकजुटता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा— “वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”

अभिजीत दीपके का यह बयान शासन-प्रशासन के उस अड़ियल रवैये पर सीधा प्रहार है, जिसमें जनमुद्दों और पत्रकारों की मांगों को अनदेखा किया जा रहा था।बयान के मुख्य पहलू और मायने: संगठन और संघर्ष की जीत: अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि जब सत्ता और प्रशासन अपने अहंकार में यह मान बैठते हैं कि उन पर किसी दबाव का असर नहीं होगा और कोई इस्तीफा या कार्रवाई नहीं होगी, तब एक मजबूत और एकजुट संघर्ष ही उन्हें जवाबदेह बनाता है। ‘

झुकती है दुनिया…’: इस कहावत के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि यदि हक और न्याय की लड़ाई निडर होकर लड़ी जाए, तो बड़ी से बड़ी सत्ता और अधिकारियों को भी झुकना पड़ता है और फैसले बदलने पड़ते हैं। प्रशासनिक तानाशाही पर चोट: यह बयान सीधे तौर पर उन अधिकारियों और व्यवस्था पर हमला है, जो अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश करते हैं।

पत्रकार जगत और सामाजिक हलकों में चर्चा:अभिजीत दीपके के इस आक्रामक रुख के बाद पत्रकार संगठनों और अधिकारों के लिए लड़ने वाले समूहों में नया उत्साह देखा जा रहा है। इसे CJP और सहयोगियों के उस निरंतर संघर्ष का नतीजा माना जा रहा है, जिसने प्रशासन को बैकफुट पर ला खड़ा किया।सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जारी अपने वीडियो और बयानों में मुख्य रूप से ये बातें कहीं

उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल किसी मंत्री का इस्तीफा नहीं था, बल्कि छात्रों के साथ न्याय, परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करना था। * उन्होंने बताया कि 26 दिन का अनशन उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया, जिसमें परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा, छात्रों पर कार्रवाई न करने और अन्य मुद्दों पर विचार का आश्वासन शामिल था।

* वांगचुक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता आंदोलन कर रहे छात्रों की सुरक्षा थी। उन्हें आशंका थी कि यदि तनाव बढ़ा तो छात्रों पर बल प्रयोग या कानूनी कार्रवाई हो सकती है, इसलिए उन्होंने शांति की अपील की। * उन्होंने यह भी कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण था और आगे भी शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की।

Related

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
By Basant Ratre
Follow:
Bhokochand.com एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल है , इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ताज़ा खबरों को प्रकाशित किया जाता है|
Previous Article IMG 20260725 WA0022 कोरेक्स के सहारे ‘नशे का कारोबार’, लेकिन सरिया पुलिस ने बिगाड़ दिया पूरा हिसाब!103 बोतल कोरेक्स, कार-बाइक और मोबाइल जब्त, तीन तस्कर पहुंचे सलाखों के पीछे
Next Article file 00000000254c8207908300e83348e770 रायगढ़ में अब किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य बिना वेरिफिकेशन मकान किराये पर दिया तो होगी कार्रवाई, कलेक्टर के सख्त आदेश से मकान मालिकों में हलचल
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe

Latest News

IMG 20260811 WA0038
घरघोड़ा में 98 किसानों के खातों में पहुंची ₹1.11 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि
घरघोडा़ रायगढ़ August 11, 2026
IMG 20260811 202033
AKASA Finance का ‘प्रगति 2.0’: रायपुर में जुटे छत्तीसगढ़भर के ई-रिक्शा डीलर्स, विस्तार की बनी नई रणनीति
राजधानी August 11, 2026
IMG 20260811 WA0026 scaled
नया बस्ती की समस्याओं को लेकर राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने किया मौका निरीक्षण
घरघोडा़ रायगढ़ August 11, 2026
file 00000000f64c820b8d6196a3d93995cb
सर्पदंश पीड़ित परिवारों को एक सप्ताह में मिली राहत, घरघोड़ा तहसील ने तेजी से कराया RBC प्रकरणों का भुगतान कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की संवेदनशील पहल से मृतकों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता, अधिकारियों की तत्परता की हो रही सराहना
घरघोडा़ रायगढ़ August 11, 2026

Categories

  • Blog
  • कवर्धा
  • खेल
  • घरघोडा़
  • डभरा
  • तमनार
  • पंडरिया
  • भटगांव
  • राजधानी
  • रायगढ़
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?