BhokochandBhokochand
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Search
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Reading: राजनांदगांव : देश के तीन महान साहित्यकारों श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र जैसी हस्तियों से राजनांदगांव की विशेष पहचान.
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
BhokochandBhokochand
Font ResizerAa
Search
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Blog

राजनांदगांव : देश के तीन महान साहित्यकारों श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र जैसी हस्तियों से राजनांदगांव की विशेष पहचान.

Basant Ratre
Last updated: January 11, 2025 3:25 pm
Basant Ratre 135 Views
Share
8 Min Read
1736588046 f01be7f0d5f4424fbc73
SHARE

राजनांदगांव एक जिन्दादिल शहर…- समृद्ध संस्कृति से महकता शहर…- संस्कारधानी की झांकी एवं हॉकी बहुत प्रसिद्ध– अविस्मरणीय यादों को संजोए मुक्तिबोध संग्रहालय दर्शनीय- हॉकी की नर्सरी के रूप में जिले की पहचान- राज्य के प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम राजनांदगांव में- दिग्विजय स्टेडियम में बास्केटबाल का अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट- देश भर में बास्केटबाल के लिए 8 कोर्ट एक ही जगह केवल राजनांदगांव शहर में राजनांदगांव 08 जनवरी 2025।राजनांदगांव शहर की तासीर दूसरे शहरों से बिल्कुल अलग है। यहां हर उत्सव एवं पर्व शिद्दत से ऐसे महसूस होते हैं, मानों जिंदगी के हर रंग यहां मुस्कुराते हैं। यह एक जिन्दादिल शहर है, यहां के रंगों में उत्सव एवं संस्कृति महसूस होते हंै। संस्कारधानी में चाहे गणेश चतुर्थी हो या नवरात्रि, दशहरा, दीपावली एवं अन्य पर्व इनकी अनोख रंगत यहां के नसों में धधकती है। संस्कारधानी की झांकी एवं हॉकी बहुत प्रसिद्ध है। बात चाहे गणेश चतुर्थी के समय हॉकी की भव्य झांकी की हो या हॉकी के उम्दा खेल की। झांकी के समय बड़ी संख्या में राजनांदगांव एवं अन्य जिलों के नागरिक यहां शामिल होते हैं। शहर के फ्लाईओव्हर से निकलना, शहर को निहारना, मानों एक ही नजर में पूरे शहर की आबोहवा को समझने के समान है। यहां की खासियत है, लोगों की मिलनसारिता तो वहीं शहरी एवं ग्रामीण परिवेश की मिली जुली संस्कृति का आभास होता है। राज्य के प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य एवं राजनांदगांव को खेल मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है। लगभग 22 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित भव्य अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन होता आ रहा है। लगभग साढ़े नौ एकड़ के रकबे में निर्मित यह विशाल स्टेडियम हॉकी के खिलाडिय़ों को समर्पित है। हॉकी की नर्सरी के रूप में जिले की पहचान है। यहां के हॉकी खिलाड़़ी अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हंै। शहर के मध्य में लगभग 20 एकड़ 22 डिसमिल में फैले दिग्विजय स्टेडियम में क्रिकेट मैदान है एवं बास्केटबाल का अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट है। देश भर में बास्केटबाल के लिए 8 कोर्ट एक ही जगह केवल राजनांदगांव शहर में है। यहां बैडमिंटन के 3 इंडोर कोर्ट, 3 टेबल टेनिस, वेटलिफ्ंिटग ट्रेनिंग सेंटर, एथलेटिक्स 400 मीटर ट्रैक, मल्टीपर्पज जिम, भारतीय खेल प्राधिकरण साई का हॉकी तथा बास्केटबाल के लिए हॉस्टल है।

देश के तीन महान साहित्यकारों श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र के साहित्य, कृतियों, विचारों एवं जीवन को समझने के लिए हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों के लिए मुक्तिबोध संग्रहालय दर्शनीय है। देश के तीन महान साहित्यकारों श्री गजानन माधव मुक्तिबोध कक्ष, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की कृतियां, पाण्डुलिपि एवं वस्तुएं सुरक्षित रखी गई हैं। उनकी रचनाएं यहां संकलित की गई है। उनके डायरी के अंश तथा उनके जीवन के प्रेरक प्रसंग की जानकारी यहां अंकित है। अन्य जिलों एवं विभिन्न स्थानों से शोधार्थी एवं विद्यार्थी यहां उनकी स्मृतियों से जुड़ी वस्तुएं एवं कृतियां संग्रहालय में देखना समझना चाहते है। राजनांदगांव में उनकी अविस्मरणीय यादों को संजोए यह शहर हिन्दी साहित्य प्रेमियों के लिए त्रयी की यह कर्मभूमि गौरवपूर्ण स्थान है। राजनांदगांव जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह, श्री कुंज बिहारी चौबे, नाचा व रंगकर्म के प्रमुख कलाकार पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर, छत्तीसगढ़ रंगमंच एवं नाचा की कलाकार फिदाबाई मरकाम, गायन एवं अभिनय के प्रसिद्ध कलाकार श्री भैय्यालाल हेड़ऊ, चंदैनी गोंदा के कलाकार श्री खुमान साव, फिल्म निर्देशक श्री किशोर साहू, लोक कलाकार श्री बरसाती भैय्या, सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती कविता वासनिक, कवि एवं उपन्यासकार श्री विनोद कुमार शुक्ल, पद्मश्री फूलबासन बाई जैसे ख्याति प्राप्त साहित्यकारों, कलाकारों, समाजसेवी एवं प्रबुद्धजनों से जिले की विशेष पहचान है। राजनांदगांव शहर तालाबों का शहर है। जल संरक्षण के दृष्टिकोण से शहर में रानीसागर, बूढ़ासागर, मोतीपुर तालाब, मठपारा तालाब, शंकरपुर तालाब सहित लगभग 32 से अधिक तालाब हैं। शहर का चौपाटी प्रसिद्ध है। जहां लक्ष्मण झूला, ट्रायो ट्रेन, नौका विहार, बच्चों के खेलने के लिए झूले एवं खुबसूरत गार्डन आकर्षण का केन्द्र है। गार्डन के दूसरे ओर पुष्प वाटिका है। वहीं ऊर्जा पार्क सुंदर उद्यान है। शहर में विभिन्न स्थानों में गार्डन होने से हरितिमा का आभास होता है। जिला प्रशासन तथा नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों में पौधरोपण किया जा रहा है। फ्लाई ओव्हर के नीचे गार्डन विकसित किया गया है तथा फ्लाई ओव्हर के अन्य भाग को व्यवस्थित तरीके से पार्किंग के लिए उपयोग किया जा रहा है। वहीं छोटी-छोटी दुकानें भी लगाई जा रही हैं। शहर के मध्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर फ्लाई ओव्हर के बनने से शहर पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है, शहर व्यवस्थित बना तथा आवागमन की सुविधा बढ़ी है। शहर की डिजिटल लाईब्रेरी विद्यार्थियों एवं पाठकों के लिए लोकप्रिय है। भारतीय इतिहास में रियासतों का अपना महत्व रहा है। छत्तीसगढ़ में 14 रियासत थी, उनमें से एक रियासत राजनांदगांव थी। रियासत काल में राजनांदगांव एक राज्य के रूप में विकसित था एवं यहां पर सोमवंशी, कलचुरी एवं मराठों का शासन रहा। पूर्व में यह नंदग्राम के नाम से जाना जाता था। यहां बैरागी राजाओं का शासन था। रियासत के प्रमुख शासकों में महंत घासीदास, महंत बलराम दास, महंत सर्वेश्वर दास एवं अंतिम शासक महंत दिग्विजय दास प्रमुख थे। इन शासकों के शासनकाल में रोजगार, शिक्षा, साहित्य के क्षेत्र में इस रियासत का उल्लेखनीय योगदान रहा है। महंत बलराम दास के समय में रायपुर वाटर वक्र्स रायपुर, रानी जोधपुर वाटर वक्र्स 1842, बलराम प्रेस 1899 बीएनसी मिल्स की स्थापना, नगर पालिका की स्थापना, स्कूलों का निर्माण महत्वपूर्ण कार्यों में से है। देश की आजादी के लिए राष्ट्रीय आंदोलन में राजनांदगांव जिले की अहम भूमिका रही है। ऐतिहासिक दृष्टि से शहर के प्राचीन मंदिर शीतला मंदिर, नोनी बाई मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, बलभद्री मंदिर, रियासतकालीन विरासत, यहां का समृद्ध इतिहास रहा है। पाताल भैरवी मंदिर बर्फानी धाम के नाम से प्रसिद्ध है। भव्य गुरूद्वारा, रामदरबार, रथ मंदिर धार्मिक पर्यटन स्थल है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप स्थानीय हरेली, पोला, छेरछेरा, तीजा, दीपावली एवं अन्य सभी लोकपर्व मनाए जाते हैं। खान-पान की संस्कृति में चीला, फरा, देहरौरी, ठेठरी, खुरमी, पपची, अईरसा जैसे स्थानीय व्यंजनों का प्रचलन है।

Related

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
By Basant Ratre
Follow:
Bhokochand.com एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल है , इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ताज़ा खबरों को प्रकाशित किया जाता है|
Previous Article Screenshot 2025 01 11 15 05 25 09 संतोष नामदेव: कवर्धा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी को टक्कर देने वाला कांग्रेस का सबसे मजबूत चेहरा
Next Article 1736587939 7dff279705a770d45f6d राजनांदगांव : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने जनसामान्य को वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और सीट बेल्ट लगाने के लिए करना होगा जागरूक – कलेक्टर.
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe

Latest News

IMG 20260813 WA0030
रंगगोलियों में सजा राष्ट्रप्रेम, रायकेरा स्कूल में ‘हर घर तिरंगा’ और ‘वंदे मातरम’ की गूंज
घरघोडा़ रायगढ़ August 13, 2026
IMG 20260813 WA0037
डिजिटल अरेस्ट से फर्जी KYC तक: CISF जवानों को साइबर ठगी के नए हथकंडों से किया जागरूक
घरघोडा़ रायगढ़ August 13, 2026
भोले की भक्ति में विधायक भावना बोहरा संग दौड़े कांवड़िये, 151 किमी की यात्रा के चौथे दिन गौरकांपा से मोहतरा पहुँची कांवड़ यात्रा, क्षेत्र में हुआ भव्य स्वागत*
कवर्धा August 13, 2026
25 2
घरघोड़ा में बच्चों की स्वास्थ्य जांच में चौंकाने वाले आंकड़े, 6 में मिला सिकल सेल रोग 50 से अधिक बच्चों की हुई स्क्रीनिंग, 11 सिकल सेल वाहक भी मिले; स्वास्थ्य विभाग ने किया रेफर
घरघोडा़ रायगढ़ August 13, 2026

Categories

  • Blog
  • कवर्धा
  • खेल
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • डभरा
  • तमनार
  • पंडरिया
  • भटगांव
  • राजधानी
  • रायगढ़
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?