घरघोड़ा/रायगढ़, 11 अगस्त 2026। बच्चों में छिपी गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने घरघोड़ा विकासखंड में विशेष गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया। शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 50 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें सिकल सेल को लेकर सामने आए आंकड़ों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
जांच के दौरान 11 बच्चे सिकल सेल वाहक (AS पॉजिटिव) पाए गए, जबकि 6 बच्चों में सिकल सेल रोग (SS पॉजिटिव) की पुष्टि हुई। चिन्हित सभी बच्चों को आगे की आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया है।
समय पर जांच ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार
शिविर के दौरान विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सिकल सेल रोग के साथ-साथ बाल मधुमेह और अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षणों के प्रति जागरूक किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चों में लगातार कमजोरी या अत्यधिक थकान, बार-बार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन कम होना अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसे लक्षण सामने आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना जरूरी है, ताकि बीमारी की पहचान शुरुआती स्तर पर ही हो सके और समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संभाली स्क्रीनिंग और रेफरल की जिम्मेदारी
शिविर में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर एवं आरबीएसके टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बच्चों की स्क्रीनिंग, अभिभावकों की काउंसलिंग तथा आवश्यकतानुसार रेफरल की प्रक्रिया पूरी की गई।
यह शिविर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में किया गया।
अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों के स्वास्थ्य में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में न लें। नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और सिकल सेल अथवा किसी अन्य बीमारी की आशंका होने पर समय पर जांच एवं उपचार कराएं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बीमारी की समय पर पहचान बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
