9वें हीरोज़ कप अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में जीते स्वर्ण और कांस्य पदक, विश्व मंच पर लहराया तिरंगा
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लिए गर्व का एक और स्वर्णिम पल सामने आया है।
जिले के अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी ऋषि सिंह ने थाईलैंड के पटाया शहर में आयोजित 9वें हीरोज़ कप इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर दिया।
31 जुलाई से 2 अगस्त तक चली इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में ऋषि सिंह ने दुनिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों को पराजित कर तिरंगे का मान बढ़ाया।
स्वर्ण पदक तक का उनका सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। पहले मुकाबले में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाड़ी को मात दी। इसके बाद श्रीलंका के खिलाड़ी को हराकर अगले दौर में जगह बनाई।
क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मेजबान थाईलैंड के खिलाड़ी को शिकस्त देकर अपनी दावेदारी मजबूत की।
सेमीफाइनल में ऋषि सिंह ने चीन के खिलाड़ी को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में उनका सामना रूस के मजबूत खिलाड़ी से हुआ, लेकिन ऋषि ने शानदार तकनीक, आत्मविश्वास और दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
जीत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराया और राष्ट्रगान की गूंज ने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया।
ऋषि सिंह ने केवल स्वर्ण पदक ही नहीं जीता, बल्कि प्रतियोगिता की दूसरी स्पर्धा में कांस्य पदक भी हासिल किया। एक ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दो पदक जीतकर उन्होंने रायगढ़ के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।
यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि रायगढ़, छत्तीसगढ़ और पूरे भारत के लिए गौरव का विषय है। सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऋषि सिंह का यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, अनुशासन और कठोर मेहनत के दम पर विश्व मंच पर भी भारतीय खिलाड़ी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
ऋषि सिंह की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, सामाजिक संगठनों और जिलेवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने का हौसला देगी।
रायगढ़ का यह होनहार खिलाड़ी आज केवल जिले का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव बन चुका है। थाईलैंड की धरती पर लहराया तिरंगा इस बात का संदेश है कि भारत के युवा अब विश्व मंच पर हर चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
