बिलासपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर में पदस्थ तहसीलदार माया अंचल लहरे को बड़ी राहत देते हुए उनके निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामला रायगढ़ जिले के पुसौर तहसील में सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित बदलाव से जुड़ा है। कोर्ट ने मामले में राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
जानकारी के मुताबिक, माया अंचल लहरे वर्ष 2020 में पुसौर तहसीलदार के पद पर पदस्थ थीं। 28 अक्टूबर 2020 को ग्राम पुसौर स्थित खसरा नंबर 16/2 की भूमि को लेकर उनके द्वारा आदेश पारित किया गया था। संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में ‘छोटे झाड़ का जंगल’ मद में दर्ज थी। आरोप है कि आदेश के जरिए राजस्व अभिलेख में बदलाव करते हुए आनंद राम का नाम दर्ज किया गया।
राजस्व मंडल के आदेश को हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती
मामले को लेकर छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल, बिलासपुर में पुनरीक्षण आवेदन प्रस्तुत किया गया। राजस्व मंडल ने 21 अगस्त 2025 को मामले में तहसीलदार और संबंधित पटवारी के खिलाफ प्रशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इसके बाद माया अंचल लहरे ने राजस्व मंडल के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
हाईकोर्ट ने 17 फरवरी 2026 को अंतरिम राहत देते हुए राजस्व मंडल के उस हिस्से पर रोक लगा दी थी, जिसमें उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया गया था। यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
इसी बीच 16 जुलाई को हुआ निलंबन
मामला हाईकोर्ट में लंबित रहने के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अवर सचिव ने 16 जुलाई 2026 को माया अंचल लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
10 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की अदालत में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता अपूर्वा पांडेय ने पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि निलंबन उन्हीं आरोपों और तथ्यों के आधार पर किया गया है, जिनसे संबंधित विभागीय जांच पर हाईकोर्ट पहले ही अंतरिम रोक लगा चुका है।
हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर लगाई रोक
दलीलों पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार माया अंचल लहरे के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। साथ ही राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव-अवर सचिव, राजस्व मंडल बिलासपुर, बिलासपुर संभाग के आयुक्त, रायगढ़ एवं कांकेर के कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
फिलहाल हाईकोर्ट के इस आदेश से तहसीलदार माया अंचल लहरे को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मामले की आगे की तस्वीर संबंधित पक्षों के जवाब और आगामी सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।
