*घरघोड़ा (रायगढ़)। अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के परिसर में उस समय एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधिपति व रायगढ़ जिला पोर्टफोलियो न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत जी का प्रथम आगमन हुआ। उनके साथ रजिस्ट्रार विजलेंस श्री अब्दुल जाहिर कुरैशी जी एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रायगढ़) श्री जितेंद्र जैन जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

फूल-मालाओं और आत्मीयता से हुआ भव्य स्वाग
कार्यक्रम की शुरुआत में अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत का अध्यक्ष कैलाश गुप्ता पुष्पगुच्छ से एवं रजिस्ट्रार विजलेंस अब्दुल जाहिर कुरैशी का अधिवक्ता सुनील ठाकुर ने पुष्प गुच्छ और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र जैन का स्वागत जी डी लहरें ने पुष्पगुच्छ से आत्मीय स्वागत किया। विधिक जगत की इन महान विभूतियों के स्वागत को लेकर स्थानीय अधिवक्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह और हर्ष का माहौल देखा गया।

“बार और बेंच का सामंजस्य ही न्याय की रीढ़”अपने सारगर्भित और प्रेरणादायक उद्बोधन में माननीय न्यायाधिपति श्री सचिन सिंह राजपूत जी ने न्याय प्रणाली में अधिवक्ताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने अपने भाषण में जोर देते हुए कहा, “न्याय दान की प्रक्रिया को सुलभ और त्वरित बनाने के लिए बार (अधिवक्ता) और बेंच (न्यायाधीश) का आपसी सामंजस्य अनिवार्य है। जब दोनों पक्ष मिलकर एक सकारात्मक वातावरण में कार्य करते हैं, तभी अंतिम छोर पर खड़े पीड़ित पक्षकार को वास्तविक और समय पर न्याय प्राप्त होता है।
“अधिवक्ता संघ ने आगंतुक अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किए।मंच का सफल संचालन और आभार सचिव फणींद्र पंडा ने किया
इस अवसर पर श्री शहाबुद्दीन कुरैशी विशेष न्यायाधीश, श्री अभिषेक शर्मा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री दामोदर चंद्रा,सुश्री प्रीति झा, अधिवक्ता संघ घरघोड़ा के अध्यक्ष, सचिव सहित भारी संख्या में स्थानीय अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी,प्रशासनिक अधिकारी ,पुलिस अधिकारीऔर गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

