रायपुर/जशपुर। भारतीय महिला हॉकी टीम की शानदार उपलब्धि में छत्तीसगढ़ की बेटी मधु सिदार ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनाते हुए प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस स्वर्णिम उपलब्धि पर गोंडवाना गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
जशपुर जिले के कांसाबेल क्षेत्र के चिरोडा गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंची मधु सिदार की सफलता ने पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल बना दिया है। किसान परिवार से आने वाली मधु ने सीमित संसाधनों के बीच मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के दम पर भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई और देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया।
गांव की बेटी से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तक का सफर
मधु सिदार ने छठवीं कक्षा से हॉकी खेलना शुरू किया। रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में रहकर उन्होंने खेल की बारीकियां सीखीं और लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया। बाद में उन्हें बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण का अवसर मिला। अगस्त 2026 में उनका चयन भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम के लिए हुआ था।
चीन के मोकी में आयोजित जूनियर एशिया कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। इस विजेता टीम का हिस्सा छत्तीसगढ़ की मधु सिदार और गीता यादव भी रहीं।
“मधु की सफलता बेटियों के लिए प्रेरणा”
गोंडवाना गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मधु सिदार की उपलब्धि को पूरे आदिवासी समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि उनकी सफलता समाज की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा, मेहनत और अवसर मिलने पर गांव और साधारण परिवारों से निकलने वाली बेटियां भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।
मधु की उपलब्धि से छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि आदिवासी समाज में भी उत्साह और गर्व का वातावरण है। महासभा की ओर से मधु सिदार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी देश के लिए शानदार प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दी गईं।
गांव की पगडंडी से अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैदान तक पहुंची मधु सिदार की कहानी आज उन हजारों बेटियों के लिए उम्मीद बन गई है, जो संसाधनों की कमी के बावजूद अपने सपनों को उड़ान देना चाहती हैं।
