BhokochandBhokochand
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Search
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Reading: धमतरी : धान बेचकर शिक्षा और दलहन की खेती की ओर बढ़ता आमदी की बिटावन बाई के परिवार का सफर
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
BhokochandBhokochand
Font ResizerAa
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Search
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Blog

धमतरी : धान बेचकर शिक्षा और दलहन की खेती की ओर बढ़ता आमदी की बिटावन बाई के परिवार का सफर

Basant Ratre
Last updated: January 16, 2026 5:29 pm
Basant Ratre 12 Views
Share
3 Min Read
SHARE
1768555033 917e1c8442ca7438583a

धान से दलहन तक: आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं बिटावन बाई ध्रुव

धमतरी, 16 जनवरी 2026

प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के हित में संचालित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था आज विश्वास और पारदर्शिता का प्रतीक बन चुकी है।

इसी का जीवंत उदाहरण हैं धमतरी जिले के आमदी गांव की किसान श्रीमती बिटावन बाई ध्रुव, जिनके चेहरे की मुस्कान उनकी मेहनत और सुचारू व्यवस्था की सफलता की कहानी कहती है। कृषक श्रीमती बिटावन बाई ध्रुव ने अपने साढ़े चार एकड़ खेत में मेहनत से धान की फसल तैयार की।

इस वर्ष उन्होंने 92 क्विंटल धान का उत्पादन किया, जिसे लेकर वे आमदी सहकारी समिति पहुंचीं। सोसायटी में पहुंचते ही उन्हें ऑफलाइन टोकन की सुविधा सहजता से उपलब्ध हो गई। धान तौल, बारदाना, छाया और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं समय पर और व्यवस्थित रूप से मिलने से उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

श्रीमती ध्रुव बताती हैं कि पहले धान बेचने को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसान हितैषी हो गई है। समय पर धान खरीदी और भुगतान की उम्मीद ने किसानों का भरोसा शासन-प्रशासन पर और मजबूत किया है। अपने परिवार के बारे में बताते हुए वे कहती हैं कि उनके दो बेटे, बहू और नाती-पोते हैं। खेती ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है।

धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने नाती-पोते बच्चों की पढ़ाई में करेंगी, ताकि आने वाली पीढ़ी शिक्षित और आत्मनिर्भर बन सके। इसके साथ ही रबी मौसम में वे दलहन फसल, विशेषकर चने की खेती कर रही हैं।

धान से मिली आय का एक बड़ा हिस्सा वे दलहन उत्पादन में निवेश करेंगी, जिससे उनकी आय में विविधता आए और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहे। कुछ राशि से वे पुराने कर्ज का भुगतान कर आर्थिक बोझ भी कम करेंगी।

श्रीमती बिटावन बाई ध्रुव की यह कहानी बताती है कि शासन की किसान-हितैषी नीतियां जब ज़मीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होती है। धान से शुरू हुई उनकी यह यात्रा शिक्षा, दलहन उत्पादन और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों की सशक्त मिसाल है।

Related

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
By Basant Ratre
Follow:
Bhokochand.com एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल है , इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ताज़ा खबरों को प्रकाशित किया जाता है|
Previous Article एमसीबी : ‘विकसित भारत बिल्डथॉन-2025’ के लिए जिला स्तरीय निर्णायक समिति का गठन
Next Article रायपुर : वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर राज्यभर में द्वितीय चरण के कार्यक्रम 19 से 26 जनवरी तक
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe

Latest News

रंगों की बौछार से सराबोर हुआ हसौद का मिलन चौक, होली की तैयारियां चरम पर
Blog March 3, 2026
राजनांदगांव : 20 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब एवं 120 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त
Blog March 3, 2026
राजनांदगांव : आत्मा योजना अंतर्गत छुरिया में कृषि प्रशिक्षण आयोजित
Blog March 3, 2026
मुंगेली : होली पूर्व अवैध मदिरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
Blog March 3, 2026

Categories

  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?