पंडरिया। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सेन्हाभाठा के प्रधानपाठक मनहरण लाल मानिकपुरी के सेवानिवृत्त होने पर उनके परिवार द्वारा आयोजित सम्मान एवं विदाई समारोह आत्मीयता, सम्मान और पारिवारिक संस्कारों का अनुपम उदाहरण बन गया। समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी एवं बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल हुए।
मुख्य अतिथि विकासखंड शिक्षा अधिकारी दीपक ठाकुर ने कहा कि श्री मानिकपुरी ने अपने लंबे सेवाकाल में ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ शिक्षा जगत की सेवा की है। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। वहीं सेवानिवृत्त व्याख्याता आर. के. महरा ने कहा कि एक शिक्षक सेवा से भले ही सेवानिवृत्त हो जाए, लेकिन उसके संस्कार और शिक्षा जीवनभर समाज का मार्गदर्शन करते हैं।
वक्ताओं ने परिवार द्वारा आयोजित गरिमामय सम्मान समारोह की सराहना करते हुए इसे भारतीय पारिवारिक मूल्यों और गुरु सम्मान की उत्कृष्ट मिसाल बताया। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष ने भी विद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में श्री मानिकपुरी के योगदान को याद किया।
अपने भावुक संबोधन में श्री मनहरण लाल मानिकपुरी ने कहा कि यदि उनके सेवाकाल के दौरान किसी को उनकी किसी बात या व्यवहार से ठेस पहुँची हो तो वे हृदय से क्षमा प्रार्थी हैं। उन्होंने कहा कि सभी का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद ही उनके जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है तथा इस आत्मीय विदाई को वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
समारोह में अतिथियों ने शॉल, श्रीफल, स्मृति-चिह्न, पुष्पहार एवं अन्य उपहार भेंट कर श्री मानिकपुरी का सम्मान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और मानिकपुरी परिवार का आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर विजय चंदेल, भागवत प्रसाद साहू, तुलस चंद्राकर, कांत सर, गलीराम बंजारे, अनुज मानिकपुरी सहित संकुल के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, ग्राम सरपंच, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पूरे समारोह में आत्मीयता और सम्मान का ऐसा वातावरण रहा जिसने सभी को भावुक कर दिया।

