पंडरिया। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया में गन्ना बेचने वाले किसानों को बकाया राशि के भुगतान को लेकर आज पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने आश्वस्त करने हुए कहा है कि किसानों के बकाया राशि का पूर्ण भुगतान जल्द ही उनके खतों में हस्तांतरित की जाएगी। गन्ना भुगतान को लेकर किसानों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि इस वर्ष किसानों को पहले की अपेक्षा अधिक शीघ्र भुगतान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, सहकारिता विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संवाद एवं समन्वय जारी है, ताकि किसानों को उनके परिश्रम का उचित प्रतिफल समय पर मिल सके। उन्होंने बताया कि किसानों से खरीद किये गए गन्ने का कुल भुगतान रिकवरी सहित जुलाई से अगस्त माह तक पूर्ण रूप से कर दिया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर यह प्रस्ताव रखा गया है कि शुगर मिल में उपलब्ध चीनी स्टॉक के मूल्य के बराबर अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसानों का भुगतान तत्काल किया जा सके। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी।
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि शक्कर कारखाने की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए पिछले ढाई वर्षों में व्यापक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में स्थापना व्यय ₹15.06 करोड़ से घटाकर ₹9.65 करोड़ किया गया है, जबकि अनुरक्षण एवं मरम्मत व्यय ₹10.97 करोड़ से घटाकर ₹4.13 करोड़ तक लाया गया है। इससे कारखाने के संचालन में उल्लेखनीय वित्तीय अनुशासन स्थापित हुआ है। उन्होंने बताया कि विगत कारखाने में आवश्यकता के अनुरूप कर्मचारियों की संख्या भी सिमित की गई है। इसके अतिरिक्त विभिन्न मदों में व्यय पर प्रभावी नियंत्रण के माध्यम से पिछले दो वर्षों में लगभग ₹16 करोड़ की अतिरिक्त बचत भी की गई है।
भावना बोहरा ने कहा कि गन्ना किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। किसानों के पसीने की कमाई का एक-एक रुपया उन्हें समय पर मिले, यही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद से लगातार गन्ना किसानों के भुगतान की प्रक्रिया तेज हुई हैं वहीं कारखाने के रखरखाव में भी व्यापक सुधार से किसानों को प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शक्कर कारखाने की आय बढ़ाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया गया है। मोलासिस की बिक्री भी अनुकूल बाजार मूल्य पर कर कारखाने की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि इसका सीधा लाभ किसानों को मिल सके।
विधायक ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल गन्ना खरीदना नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास की रक्षा करना है। यही कारण है कि कारखाने को वित्तीय रूप से मजबूत, पारदर्शी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी और प्रत्येक गन्ना उत्पादक को उसके परिश्रम का उचित मूल्य समयबद्ध तरीके से दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि का आधार है और किसान हितों की रक्षा हमारी सरकार का संकल्प भी है और जिम्मेदारी भी। उन्होंने पुनः किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी हर चिंता के प्रति संवेदनशील है और गन्ना भुगतान की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर किसानों को राहत प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

