रायगढ़, 24 फरवरी 2026।
जनगणना-2027 के सफल और त्रुटिरहित क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य शासन के निर्देश पर कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई।

इसमें जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी, प्रशासनिक एवं विधिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है।
उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण गंभीरता से लेने और मैदानी कार्य में पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और जिम्मेदारी के साथ दायित्व निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि एक भी व्यक्ति या परिवार गणना से वंचित नहीं रहना चाहिए, क्योंकि अधूरी जानकारी विकास की दिशा को प्रभावित कर सकती है।
1 से 30 मई 2026 तक होगा मकान सूचीकरण
प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी।

पहले चरण में 1 से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक भवन और मकान का पूर्णतः डिजिटल माध्यम से सूचीकरण होगा।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय एवं अन्य आवश्यक जानकारियां संकलित की जाएंगी।
पूरी प्रक्रिया रहेगी डिजिटल
राज्य मास्टर ट्रेनर अशोक मिश्रा, कैलाश चन्द्र पण्डा एवं शेष प्रसाद पण्डा ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि इस बार संपूर्ण प्रक्रिया जनगणना प्रबंधन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित होगी। इससे डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता और त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित होगा।
जनगणना निदेशालय द्वारा तहसीलवार सॉफ्ट फाइल उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें प्रत्येक राजस्व ग्राम और नगरीय क्षेत्र को सत्यापित मानचित्र के अनुरूप दर्शाया गया है। तहसील स्तर पर सूक्ष्म जांच कर आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
डेटा सुरक्षा और नैतिकता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण में सपोर्टिव सुपरविजन, स्व-गणना प्रक्रिया, उत्तरदाता की भूमिका, प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के दायित्व, डेटा गोपनीयता, मोबाइल एवं वेब एप संबंधी तकनीकी समाधान, समय-सीमा का पालन और जनशक्ति प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनजागरूकता पर रहेगा फोकस
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आम नागरिकों को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए और सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता सूक्ष्म योजना, प्रभावी समन्वय और सटीक क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।
जनगणना-2027 को लेकर प्रशासन की तैयारियां अब मिशन मोड में हैं—लक्ष्य साफ है, शत-प्रतिशत गणना और पूर्ण डिजिटल पारदर्शिता।
