दंतेवाड़ा, 30 जनवरी 2026

कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कृषि,शिक्षा,कौशल विकास एवं युवाओं के सशक्तिकरण से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों की समीक्षा की।
कृषि विज्ञान केंद्र का निरीक्षण, पुनर्निर्माण व सुदृढ़ीकरण के निर्देश कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा का भ्रमण कर केंद्र की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया।
उन्होंने क्षतिग्रस्त इकाइयों के पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण के निर्देश देते हुए सभी इकाइयों को पुनः किसानोपयोगी बनाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए तकनीकी ज्ञान, नवाचार एवं प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है, अतः इसकी आधारभूत संरचना मजबूत होना आवश्यक है।
भ्रमण के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ओमप्रकाश द्वारा केंद्र की परियोजनाओं एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई।
कलेक्टर ने कृषक प्रशिक्षण सभागार, बायो-फ्लॉक, किसान छात्रावास, मशरूम, कड़कनाथ, बीज गोदाम, डेयरी, बत्तख एवं बकरी पालन तथा प्राकृतिक खेती इकाइयों का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने एवं उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए। श्रवण बाधित बच्चों के विशेष विद्यालय में व्यवस्थाओं की समीक्षा कलेक्टर द्वारा शासकीय श्रवण बाधित बालक-बालिकाओं के विशेष विद्यालय का निरीक्षण किया गया।
उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑडियोमेट्री कक्ष, कक्षाएं, शयन कक्ष एवं अन्य सुविधाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बच्चों के खान-पान की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, हेल्थ रजिस्टर संधारण तथा रचनात्मक एवं एक्स्ट्रा करिकुलम गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
समर वेकेशन में भी विशेष इंटरवेंशन के माध्यम से कक्षाएं संचालित करने एवं एक्सपोजर विजिट आयोजित करने पर जोर दिया गया। नवगुरुकुल कैंपस निरीक्षण, नए पाठ्यक्रमों एवं स्थानीय प्लेसमेंट पर चर्चा कलेक्टर ने नवगुरुकुल कैंपस का निरीक्षण कर शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कैंपस विकास को लेकर कलेक्टर ने स्कूल ऑफ फाइनेंस, स्कूल ऑफ डिजाइन जैसे पाठ्यक्रम प्रारंभ करने तथा छोटे और केंद्रित बैच से शुरुआत करने के सुझाव दिए। प्लेसमेंट के दृष्टिकोण से रायपुर एवं जगदलपुर में स्थानीय रोजगार संभावनाओं को देखते हुए नॉन-टेक्निकल पदों में प्लेसमेंट बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही नवगुरुकुल में लागू इंडस्ट्री आधारित शिक्षा प्रणाली एवं एसओपी की जानकारी भी ली गई। युथ हब में ड्रॉपआउट युवाओं को शिक्षा, प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ने की पहल कलेक्टर द्वारा युथ हब में युवाओं के सशक्तिकरण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा तय की गई। उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों एवं युवाओं को चिन्हित कर पुनः शिक्षा, प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़ने पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने युथ हब को वन स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि यहां काउंसलिंग, प्रशिक्षण, रोजगार एवं करियर मार्गदर्शन की सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके अलावा संगीत महाविद्यालय को भी देखा।
इसके पश्चात उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, पीपीआईएएफ (पब्लिक पॉलिसी इन एक्शन फेलो) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
