रायगढ़, 19 जुलाई। जिले में इन दिनों बारिश के साथ-साथ जुए का मौसम भी पूरे शबाब पर है। कहीं तालाब की मेड़ पर खुड़खुड़िया की गोटियां खनक रही हैं, तो कहीं फैक्ट्री के पीछे “स्टाइगर” के सहारे रातों-रात अमीर बनने के सपने बुने जा रहे हैं। लेकिन रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन अंकुश” ने इन सपनों पर ऐसा पानी फेरा कि कई खिलाड़ी गोटियां छोड़कर मैदान से ही फरार हो गए।
ग्राम कठली के बड़े तालाब की मेड़ पर जुआरियों ने ऐसा अड्डा जमा रखा था, मानो गांव की पंचायत नहीं, बल्कि “किस्मत बदलो सम्मेलन” चल रहा हो। कोई गोटियां पलट रहा था, तो कोई जेब टटोलकर अगला दांव लगाने की तैयारी में था। इसी बीच पुलिस की गाड़ी पहुंची और देखते ही देखते “खेल” का पूरा रोमांच हवा हो गया।
हालांकि, फिल्मी अंदाज में भागने की कोशिश करने वालों में से कई तो अंधेरे और खेतों का फायदा उठाकर निकल गए, लेकिन दिनेश चौधरी, उमाकांत निषाद और कमलेश निषाद की किस्मत उस दिन छुट्टी पर थी। पुलिस ने तीनों को दबोच लिया।
दिलचस्प बात यह रही कि रातों-रात करोड़पति बनने निकले खिलाड़ियों के पास से कुल महज एक हजार रुपये, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल और जुए की कुछ गोटियां ही बरामद हुईं। अब गांव में लोग चुटकी ले रहे हैं कि इतनी रकम तो आजकल शादी-ब्याह में बैंड वाले भी एडवांस में ले लेते हैं।
उधर, पूंजीपथरा में भी “स्टाइगर क्लब” पूरी रफ्तार में चल रहा था। सुनील इस्पात के पास कुछ युवा रुपये-पैसे का दांव लगाकर किस्मत चमकाने में जुटे थे। लेकिन पुलिस ने वहां भी एंट्री मार दी और पंकज शर्मा व रिषभ बाजपेई को रंगे हाथों पकड़ लिया। दोनों के कब्जे से तीन स्टाइगर गोटियां और पांच सौ रुपये जब्त किए गए।

रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन अंकुश” ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अब जुए के फड़ पर बैठकर “एक दांव में जिंदगी बदलने” का सपना देखना आसान नहीं होगा। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने भी दो टूक कहा है कि जुआ-सट्टा और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल, इलाके में चर्चा इस बात की है कि जुआरियों की “किस्मत” तो नहीं बदली, लेकिन थाने की डायरी में उनके नाम जरूर दर्ज हो गए।

