गार्ड की डांट का बदला लेने पिस्टल लेकर पहुंचा 19 वर्षीय युवक, पेट में दागी गोली; CCTV से खुला राज, हथियार बरामद



रायगढ़, 22 अगस्त। गेरवानी की शराब दुकान में गार्ड को गोली मारकर फरार हुए आरोपी ने शायद सोचा था कि वारदात के बाद बिहार पहुंचते ही मामला ठंडा पड़ जाएगा। लेकिन रायगढ़ पुलिस ने भी मानो तय कर लिया था कि आरोपी चाहे जहां छिपे, पुलिस की नजर से नहीं बचेगा। नतीजा यह रहा कि CCTV की एक कड़ी से शुरू हुई तलाश बिहार के जमुई तक पहुंची और आखिरकार आरोपी खेत में छिपा मिला।
पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के गेरवानी स्थित शासकीय देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में 17 अगस्त की रात प्राइवेट सुरक्षा गार्ड चन्द्रशेखर पटेल (43) पर पिस्टल से फायरिंग करने के मामले में पुलिस ने विवेक कुमार यादव (19), निवासी जीतझिंगोई, थाना खैरा, जिला जमुई, बिहार को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की गई है। वहीं उसका साथी रोशन ठाकुर अभी फरार है।
पहले डांट, फिर गुस्सा और फिर गोली!
पुलिस के अनुसार 17 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे विवेक अपने साथी रोशन ठाकुर के साथ शराब दुकान पहुंचा था। वहां गार्ड चन्द्रशेखर पटेल ने दोनों को देर रात शराब दुकान आने को लेकर डांट-फटकार लगाई। बात इतनी बढ़ी कि गाली-गलौज और विवाद तक पहुंच गई।
दोनों वहां से लौटकर लेबर क्वार्टर चले गए, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। आरोपी के मुताबिक उसका साथी रोशन डांट से परेशान होकर रोने लगा। बस फिर क्या था—विवेक का गुस्सा दोबारा उबल पड़ा और वह पिस्टल लेकर गार्ड को सबक सिखाने वापस शराब दुकान पहुंच गया।
आरोप है कि उसने गार्ड से गाली-गलौज करते हुए पिस्टल से गोली चला दी। गोली चन्द्रशेखर पटेल के पेट में लगी। घायल गार्ड ने किसी तरह आहाते के पीछे जाकर अपनी जान बचाई और डायल 112 को सूचना दी।
CCTV बना पुलिस का ‘तीसरा साथी’
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। इसके बाद गेरवानी क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और संदिग्धों की जानकारी जुटाई गई।
जांच में सामने आया कि विवेक कुमार यादव अग्रोहा स्टील प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरी करता था और घटना के बाद से गायब था। पुलिस को जैसे ही यह कड़ी मिली, तलाश ने रायगढ़ से निकलकर सीधे बिहार का रास्ता पकड़ लिया।
पुलिस पहुंची बिहार, आरोपी खेत में!
उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम जमुई पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस की गतिविधियों की भनक लगते ही आरोपी घर से निकलकर खेत की ओर भाग गया।
लेकिन खेत ने भी इस बार आरोपी का साथ नहीं दिया।
पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर करीब दो घंटे तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया और आखिरकार विवेक को खेत में छिपे हुए दबोच लिया। उसे रायगढ़ लाकर पूछताछ की गई, जहां उसने गार्ड पर फायरिंग की वारदात स्वीकार की।
30 हजार में खरीदी थी पिस्टल!
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह प्लांट के फोरमैन से परेशान था और उसे डराने-धमकाने के लिए अपने गांव गया था। वहां उसने एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये में पिस्टल और एक गोली खरीदी थी। इसी हथियार का इस्तेमाल बाद में गेरवानी शराब दुकान में फायरिंग के लिए किया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फोरमैन को डराने-धमकाने की बात भी स्वीकार की है।
अब कानून करेगा हिसाब
घायल गार्ड की रिपोर्ट पर पूंजीपथरा थाने में अपराध क्रमांक 206/2026 के तहत धारा 296, 351(3), 109(1) BNS तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट में अपराध दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पिस्टल बरामद कर ली गई है, जबकि फरार आरोपी रोशन ठाकुर की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उपनिरीक्षक दिलीप बेहरा, आरक्षक हेम सागर पटेल, विक्रम कुजूर, ओम प्रकाश तिवारी और विनोद शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि अपराधी किसी भी राज्य में जाकर छिपे, रायगढ़ पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और आपसी समन्वय के जरिए उसे कानून के दायरे में लाएगी।
कुल मिलाकर गेरवानी में गोली चलाकर बिहार के खेत में छिपने की योजना आरोपी की थी, लेकिन पुलिस की जांच ने उसके ‘भागो और छिपो’ वाले प्लान पर पानी फेर दिया। CCTV से शुरू हुई कहानी आखिरकार खेत की घेराबंदी पर खत्म हुई—अब आगे अदालत में कानून अपना काम करेगा
