कवर्धा विधायक विजय शर्मा जी एवं पंडरिया विधायक भावना बोहरा जी,इस मौत के जिम्मेंदार आप दोनों है । एक विभागीय मंत्री PMGSY विभाग , एक विधायक पंडरिया ।
सामनापुर के डिलवापारा निवासी 55 वर्षीय चरवाहा कुमार यादव के इंतजार करने का समय नहीं था। उनके पास केवल कुछ घंटे थे, जिन्हें सड़क पर फैले कीचड़ और दलदल ने छीन लिया। यदि सड़क निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हुआ होता तथा प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते गंभीरता दिखाते, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय से घर लौट रहे एक शिक्षक भी इसी दलदल में फंस गए थे।
पैदल निकलने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें ट्रैक्टर की सहायता से बाहर निकालना पड़ा। यह स्थिति बताती है कि यह मार्ग आम नागरिकों के लिए कितना जोखिमपूर्ण हो चुका है।आज भी ग्रामीणों के साथ-साथ प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं हाथों में चप्पल लेकर कीचड़ भरे रास्ते से पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं।
यह किसी भी जनप्रतिनिधि और प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।सबसे पीड़ादायक बात यह है कि घटना के 11 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार तक जनप्रतिनिधियों की संवेदना नहीं पहुंच सकी।
21 जुलाई को यह मामला प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित हुआ, इसके बावजूद जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता और जवाबदेही दिखाई नहीं दी।यह घटना केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि व्यवस्था की जवाबदेही, सड़क निर्माण की गुणवत्ता, प्रशासनिक निगरानी और जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
आवश्यक है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्षों की जवाबदेही तय की जाए तथा प्रभावित परिवार को उचित सहायता और न्याय मिले।साथ ही, सामनापुर–मोतेसरा मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

