पंडरिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, पंडरिया द्वारा एक प्रकरण में आरोपी रामसिंह के विरुद्ध स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। न्यायालय के आदेश में उल्लेख किया गया है कि आरोपी लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था तथा उसके विरुद्ध जारी जमानती वारंट की तामील भी सुनिश्चित नहीं हो सकी। न्यायालय ने आरोपी के फरार होने की संभावना व्यक्त करते हुए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 299 के तहत कार्यवाही की है।
वहीं, परिवादी पक्ष का दावा है कि आरोपी कथित रूप से न्यायालय परिसर से लगभग 400 मीटर की दूरी पर स्थित एक सरकारी अस्पताल में नियमित रूप से नौकरी कर रहा है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो वारंट की तामील न होने और आरोपी को फरार बताए जाने पर कई सवाल खड़े हो सकते हैं।
न्यायालय के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी की चल-अचल संपत्ति का विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण धारा 82 एवं 83 के तहत कार्यवाही संभव नहीं हो सकी। इसके बाद न्यायालय ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर प्रकरण के अभिलेख को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, संबंधित विभागों और अधिकारियों का पक्ष अभी सामने आना शेष है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

