समय सीमा पर प्रकरणों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दें अधिकारी-कलेक्टर

दंतेवाड़ा, 16 फरवरी 2026
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आज राजस्व अधिकारियों की बैठक डंकनी सभाकक्ष में ली। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी राजस्व अधिकारियों द्वारा दिए गए समय सीमा पर राजस्व प्रकरणों का निपटारा किया जाना सर्वाधिक जरूरी है।
अगर किसी कारणवश प्रकरणों के निराकरण में विलंब हुआ है तो पर भी व्यक्तिगत रूचि लेकर मामले को सबसे पहले प्राथमिकता दे आगामी लिए जाने वाले बैठक में इसकी बारीकी से इसकी जांच की जाएगी।
कुल मिलाकर कलेक्टर ने यह भी कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी सभी प्रकरणों की समीक्षा नियमित रूप से स्वयं करें। साथ ही उन्होंने सभी तहसीलदारों को तहसीलों के रिकार्ड रूम की निरीक्षण करने की भी हिदायत दी।
कलेक्टर ने कहा कि ग्रामवार शिविर आयोजन के दौरान कर खसरा, बी-1 का वाचन स्वयं की उपस्थिति में किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
आज संपन्न हुए राजस्व अधिकारियों की बैठक के मुख्य एजेंडे के अनुसार बी-1 बांटना, 2031 मृत वन पट्टाधारी कृषकों का शतप्रतिशत पीएम किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पंजीयन, विवादित, अविवादित नामांतरण, ग्राम पंचायत नामांतरण पंजी, विवादित, अविवादित बंटवारा, सीमांकन, व्यपवर्तन, धारा 115 त्रुटि सुधार, धारा 114 गलत प्रविष्टि, वृक्ष कटाई, ई-कोर्ट में न्यायालयीन प्रकरणों के प्रगति की समीक्षा,
जीर्ण-शीर्ण नक्शा नवीनीकरण, स्वामित्व योजना, मसाहती ग्रामों की जानकारी, नजूल घोशित नक्शों का खसरा मेटनेश, डिजिटल हस्ताक्षरित खसरों की जानकारी, आधार, मोबाईल, जेन्डर प्रविष्टि किसान-किताब, अभिलेख शुद्धता नक्शा खसरों में अंतर-शून्य रकबे वाला खसरा, डीआईएलआरएमपी ( डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम) नक्शा बटांकन, नियद नेल्लानार के सुरक्षा कैम्पों में व्यक्ति मूलक योजनाओं की सेचूरेशन स्थिति, जियो रिफरेसिंग कार्य एवं सर्वे, भू-अभिलेख अद्यतीकरण, भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, (पंडित दीनदयाल उपाध्याय),
भू-अर्जन प्रकरणों की स्थिति, भूमि अधिग्रहण संबंधी जानकारी, भू-अर्जन के प्रकरण में मुआवजा वितरण की जानकारी, लोक सेवा गारण्टी, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के अंतर्गत समस्त क्षति का मुआवजा की स्थिति उपयोगिता प्रमाण पत्र, मांग पत्र, उच्च न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों प्रभारी अधिकारी नियुक्ति, जवाबदावा प्रस्तुत करने की स्थिति, वन अधिकार पत्र से संबधित, वनाधिकार मान्यता पत्रों के प्रकरणों को रिकार्ड रूम में जमा किए जाने की जानकारी जैसे प्रमुख बिन्दु षामिल थे।
बैठक में कलेक्टर ने उपरोक्त सभी बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा करते हुए अद्यतन जानकारी ली।
कलेक्टर ने अंत में बैठक में यह भी कहा कि अपने-अपने अनुभाग में राजस्व अधिकारियों द्वारा शांति व्यवस्था बनाये रखने कानून के पालन के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू रूप संचालन के लिए के लिए प्रतिबंधात्मक एवं दंडात्मक कार्यवाही किया जाना भी अति आवश्यक है।
अतः समाज में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्यवाही किया जाना अपेक्षित हैं। बैठक में अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, सहित सभी अनुभाग के एसडीएम, तहसीलदार, उपस्थित थे।
