रायगढ़, 12 फरवरी 2026।
रायगढ़ जिले के खनिज उत्खनन प्रभावित, आदिवासी बाहुल्य एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक पहल शुरू कर दी है। राज्य शासन की मंशानुसार तमनार, घरघोड़ा, छाल, धरमजयगढ़, कापू एवं लैलूंगा विकासखंडों में संचालित शासकीय संस्थानों का कायाकल्प किया जाएगा।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने गुरुवार को तमनार एवं घरघोड़ा विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्रामों का सघन दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्राम महलोई के उपस्वास्थ्य केंद्र, झारगांव स्थित अस्थायी आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला महलोई तथा बासनपाली आंगनबाड़ी केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे एवं एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी भी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश
कलेक्टर ने महलोई उपस्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या, जेनरिक दवाओं की उपलब्धता तथा रक्त परीक्षण सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जेनरिक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें और केंद्र में स्वच्छता व रखरखाव में कोई कमी न हो।
राज्य शासन के मानकों के अनुरूप उपस्वास्थ्य केंद्रों में 14 प्रकार के रक्त परीक्षण की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आवश्यक मशीनरी, उपकरण एवं परीक्षण सामग्री की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। टीकाकरण अभियान एवं फाइलेरिया (हाथीपांव) नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने निरीक्षण पंजी का अवलोकन कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा घरघोड़ा एसडीएम को सप्ताह में कम से कम दो दिन वनांचल क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करने के लिए कहा।
डीएमएफ मद से अधोसंरचना विकास
खनिज प्रभावित क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास हेतु जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। उपस्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आश्रम-छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्कूलों में जहां नए भवन, अतिरिक्त कक्ष या मरम्मत की आवश्यकता है, उसकी विस्तृत जानकारी शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वीकृत कार्यों को बरसात से पहले पूर्ण कराना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।
झारगांव में नया आंगनबाड़ी भवन, बासनपाली में किचन गार्डन
झारगांव में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र के लिए नए भवन निर्माण का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं बासनपाली आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में उपलब्ध भूमि पर किचन गार्डन विकसित करने की कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
कलेक्टर ने स्कूलों, आंगनबाड़ी, आश्रम एवं छात्रावासों में खाली भूखंड पर फलदार पौधारोपण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। केला, मुनगा, कटहल एवं अमरूद जैसे पौधे लगाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चों और माताओं को स्थानीय स्तर पर ताजा एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध हो सकेगा।
जिला प्रशासन की इस पहल से वनांचल व खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
