BhokochandBhokochand
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Search
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Reading: जगदलपुर : पराली जलाने की समस्या का वैज्ञानिक समाधान
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
BhokochandBhokochand
Font ResizerAa
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Search
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Blog

जगदलपुर : पराली जलाने की समस्या का वैज्ञानिक समाधान

Basant Ratre
Last updated: February 6, 2026 2:09 pm
Basant Ratre 12 Views
Share
3 Min Read
SHARE

यूरिया उपचार से साधारण चारे को पौष्टिक आहार में बदल रहे कृषि वैज्ञानिक

जगदलपुर, 06 फरवरी 2026

वर्तमान दौर में जहाँ एक ओर जलवायु परिवर्तन और पशुचारे की कमी पशुपालकों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर फसल कटाई के बाद पराली (पैरा) जलाने से पर्यावरण को हो रहे नुकसान ने राष्ट्रीय चिंता का रूप ले लिया है।

इन दोनों समस्याओं के समाधान और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। महाविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में पैरा जलाने के बजाय उसका वैज्ञानिक विधि से यूरिया उपचार कर उसे पशुओं के लिए पौष्टिक आहार में परिवर्तित करें।

एक सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए वैज्ञानिकों ने बताया कि भारत में पशुओं के लिए हरे और सूखे चारे की भारी कमी है, जिसका सीधा असर पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन पर पड़ता है। इसी कमी को दूर करने के लिए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर.एस. नेताम के निर्देशानुसार ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव रावे कार्यक्रम के तहत कृषि छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

लर्निंग बाय डूइंग सिद्धांत का पालन करते हुए सहायक प्राध्यापक डॉ. नीता मिश्रा ने विद्यार्थियों को पैरा यूरिया उपचार की विधि का जीवंत प्रदर्शन करके दिखाया।

इस प्रक्रिया के तहत एक क्विंटल कुट्टी किए हुए पैरे पर चार प्रतिशत यूरिया के घोल का परत-दर-परत छिड़काव किया जाता है और उसे अच्छी तरह मिलाकर तीन सप्ताह के लिए वायुरहित स्थिति में दबाकर रखा जाता है।

तीन सप्ताह बाद इसे हवा में सुखाकर पशुओं को खिलाया जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, साधारण पैरे में सिलिका और ऑक्सालेट जैसे तत्वों के कारण पशुओं को पर्याप्त पोषण और कैल्शियम नहीं मिल पाता, लेकिन यूरिया उपचारित पैरे में प्रोटीन की मात्रा बढ़कर छह से आठ प्रतिशत तक हो जाती है।

यह प्रक्रिया चारे के कठोर बंधनों को तोड़कर उसे सुपाच्य बनाती है। इस विधि को अपनाने से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होता है और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि यह किसानों के लिए बेहद सस्ता और सरल उपाय भी है। महाविद्यालय प्रबंधन ने क्षेत्र के सभी किसानों से आग्रह किया है कि वे चारा संरक्षण की इस तकनीक को अपनाएं और किसी भी तकनीकी सहायता के लिए कृषि महाविद्यालय या नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

Related

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
By Basant Ratre
Follow:
Bhokochand.com एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल है , इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ताज़ा खबरों को प्रकाशित किया जाता है|
Previous Article उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्ट्रेट परिसर एवं आसपास के परिधि में धारा-163 लागू
Next Article उत्तर बस्तर कांकेर : लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe

Latest News

रंगों की बौछार से सराबोर हुआ हसौद का मिलन चौक, होली की तैयारियां चरम पर
Blog March 3, 2026
राजनांदगांव : 20 लीटर हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब एवं 120 किलोग्राम महुआ लाहन जप्त
Blog March 3, 2026
राजनांदगांव : आत्मा योजना अंतर्गत छुरिया में कृषि प्रशिक्षण आयोजित
Blog March 3, 2026
मुंगेली : होली पूर्व अवैध मदिरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
Blog March 3, 2026

Categories

  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?