BhokochandBhokochand
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Search
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Reading: तमनार : ‘जनमत’ का दमन या ‘विकास’ का भ्रम? PESA कानून की कसौटी पर लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
BhokochandBhokochand
Font ResizerAa
Search
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Blog

तमनार : ‘जनमत’ का दमन या ‘विकास’ का भ्रम? PESA कानून की कसौटी पर लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा

Basant Ratre
Last updated: December 13, 2025 2:21 pm
Basant Ratre 189 Views
Share
4 Min Read
IMG 20251213 WA0013
SHARE

रायगढ़। जिले के तमनार में क्या संविधान की पांचवीं अनुसूची में दर्ज ‘ग्राम सभा’ की शक्तियां केवल कागजी शेर बनकर रह गई हैं?

गारे पेलमा सेक्टर-1 में आज जो दृश्य उभरकर सामने आया है, वह न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ‘सहमति’ का निर्माण बंद कमरों में किया जा रहा है?

1001350894

14 गांवों के ग्रामीणों का आक्रोश और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ‘समर्थन’ का वीडियो, एक गहरे विरोधाभास और संभावित संवैधानिक उल्लंघन की कहानी कह रहा है।

*प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल : “स्थान बदला, विश्वास टूटा” -* लोकतंत्र में जनसुनवाई का अर्थ होता है -जनता की अदालत। लेकिन गारे पेलमा के ग्रामीणों द्वारा लगाए गए पोस्टर बेहद गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

1001350893

पोस्टर के अनुसार, 08.12.2025 को आयोजित जनसुनवाई ‘फर्जी’ थी क्योंकि इसे पूर्व निर्धारित स्थल से हटाकर अन्यत्र आयोजित किया गया।यह मात्र स्थान का परिवर्तन नहीं, बल्कि PESA कानून (1996) की मूल भावना का उल्लंघन प्रतीत होता है। कानून स्पष्ट करता है कि अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी परियोजना के लिए ग्राम सभा की “पूर्व और सूचित सहमति” अनिवार्य है।

*गंभीर प्रश्न :* यदि 14 गांवों के नागरिक विरोध में खड़े हैं, तो प्रशासन ने किन परिस्थितियों में जनसुनवाई को सफल मान लिया?

ग्रामीणों की यह मांग कि जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी कर्मचारियों पर FIR दर्ज हो और न्यायिक जांच कराई जाए, प्रशासन की विश्वसनीयता पर गहरा आघात है।*वायरल वीडियो का विश्लेषण :

* ‘स्वाभाविक स्वर’ या ‘रटी-रटाई स्क्रिप्ट‘? इस जनांदोलन के बीच एक वीडियो सामने आया है, जो विरोधाभास की पराकाष्ठा है। जहाँ हजारों ग्रामीण “फर्जी जनसुनवाई” के विरोध में लामबंद हैं, वहीं इस वीडियो में कुछ स्थानीय नागरिक और जनप्रतिनिधि कतारबद्ध होकर एक ही वाक्य दोहरा रहे हैं- “मैं गारे पेलमा सेक्टर-1 और जिंदल का समर्थन करता/करती हूँ”।

*इस वीडियो ने नैतिकता और सामाजिक समरसता पर तीखे सवाल खड़े किए हैं :* * यांत्रिक अभिव्यक्ति : वीडियो में दिखाई देने वाले वक्ताओं (जिनमें महिलाएं और स्थानीय सरपंच स्तर के प्रतिनिधि शामिल हैं) की भाव-भंगिमा और शब्दों का चयन इतना यांत्रिक है कि यह किसी ‘स्क्रिप्ट’ का हिस्सा प्रतीत होता है।

* सामाजिक विखंडन : वीडियो पर लिखा कैप्शन – “गांव द्रोही गांव को मिटाने चल दिए” – यह संकेत देता है कि इस परियोजना ने आदिवासी समाज के भीतर गहरी खाई पैदा कर दी है।

एक ही गांव के लोग अब एक-दूसरे को ‘शत्रु’ की दृष्टि से देख रहे हैं, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है।

* दमन का आरोप : “निलंबन और मुकदमे” ग्रामीणों के पोस्टर में एक और भयावह पहलू उजागर हुआ है- आवाज उठाने वालों के खिलाफ दर्ज प्रकरण और कर्मचारियों का निलंबन।क्या सहमति बनाने का नया तरीका ‘भय’ है? ग्रामीणों द्वारा मुकदमों की वापसी और बहाली की मांग यह सिद्ध करती है कि संवाद के बजाय ‘शक्ति’ का प्रयोग किया जा रहा है, जो PESA कानून के लोकतांत्रिक मूल्यों के सर्वथा विपरीत है।

*औपचारिकता बनाम न्याय :*गारे पेलमा का घटनाक्रम यह स्पष्ट करता है कि ‘कानूनी औपचारिकताएं’ (जैसे जनसुनवाई का आयोजन) पूरी कर लेना और ‘वास्तविक न्याय’ प्रदान करना दो अलग बातें हैं।

जब 14 गांवों का समूह एक स्वर में कह रहा हो कि हमारे साथ छल हुआ है, तो चंद मिनटों का ‘समर्थन वीडियो’ उस सामूहिक चीत्कार को नहीं दबा सकता। प्रशासन और सरकार के समक्ष अब यह चुनौती है कि वे कॉरपोरेट हितों को चुनते हैं या संविधान प्रदत्त ग्राम सभा की संप्रभुता को ।

आज गारे पेलमा में केवल कोयला नहीं खोदा जा रहा, बल्कि वहां विश्वास की नींव भी खोदी जा रही है।

Related

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
By Basant Ratre
Follow:
Bhokochand.com एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल है , इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ताज़ा खबरों को प्रकाशित किया जाता है|
Previous Article IMG 20251212 WA0027 आदिवासी विभाग का खूनी खेल: एक जान पर तीन छात्रावासों का बोझ, न आवास, न राहत – सड़क पर बिखर गया एक परिवार का सपना.
Next Article IMG 20251215 WA0003 पंचम म्यूजिकल ग्रुप की भव्य प्रस्तुति, रायपुर में 17 दिसंबर को गूंजेगी संगीत की शाम….रायपुर के मायाराम सुरजन हॉल में
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe

Latest News

मशीनों से पेड़ो की कटाई : फारेस्टर की लापरवाही या वन विभाग की सांठगांठ?
Blog August 3, 2026
IMG 20260802 WA0024
थाईलैंड में गूंजा भारत का जयघोष, रायगढ़ के ऋषि सिंह ने रचा स्वर्णिम इतिहास
खेल रायगढ़ August 2, 2026
16 3
जिले में सहकारिता व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती, सचिव सी.आर. प्रसन्ना ने किया कोतरा पैक्स का औचक निरीक्षण सहकारी समितियों को बनाया जाएगा बहुउद्देशीय सेवा केंद्र, डिजिटल सेवाओं और आयवर्धक गतिविधियों के विस्तार के निर्देश
रायगढ़ August 2, 2026
17
बारभौना में रेत के अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई, 10 ट्रैक्टर और एक ट्रैक्टर-लोडर जब्त  शिकायत मिलते ही संयुक्त टीम ने की त्वरित कार्रवाई जब्त वाहन पुलिस थाना छाल की सुपुर्दगी में सुरक्षित रखे गए
रायगढ़ August 2, 2026

Categories

  • Blog
  • खेल
  • रायगढ़
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
  • Home
  • घरघोडा़
  • छत्तीसगढ़
  • न्यायधानी
  • राजधानी
  • राजनीति
  • रायगढ़
  • Blog
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?