इस बार यह मामला छत्तीसगढ़ में दलितों की एकजुटता के प्रतीक स्थान भीम की नगरी पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मूलमुला थाना क्षेत्राधिकार के कोसा गांव का मामला है।




जहां एक सतनामी युवक अमित कुमार भंडारी ठाकुर जाति की एक लड़की से प्रेम करता है लगभग एक दशक से अधिक समय से दोनों के बीच प्रेम प्रसंग स्थापित बना रहा संभवत इसीलिए लड़की के परिजन अमित कुमार भंडारी की जघन्य हत्या करते हुए लाश को फेंक दिए थे।
मामला पुलिस थाना मुलमुला पहुंचती है पुलिस वाले डॉग स्क्वायड लेकर घटना स्थल पर पहुंचते हैं खोजी कुत्ता मृतक की लाश एवं चप्पल को सूंघता है फिर दौड़ते हुए सीधे मृतक के प्रेमिका के घर जाकर बैठ जाता है।
जब मृतक अमित कुमार सतनामी की लाश मिलने से 36 घंटा पूर्व से लापता था उनके माता और भाई गांव में घूम कर उन्हें ढूंढते रहे जब वह कहीं नहीं मिला तो मृतक के भाई एवं माता दोनों मिलकर प्रेमिका के घर जाकर भी अमित कुमार सतनामी के संबंध में जानकारी जुटाते हैं
प्रेमिका के द्वारा कहा जाता है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है लाश मिलने से आधा घंटे पूर्व भी प्रेमिका के द्वारा प्रेमी के बड़े भाई अमृतलाल से फोन के माध्यम में लगातार संपर्क करते हुए कहती है कि “ओखर लोकेशन निकालव, मोरो जीव कांपत हवय।
उपरोक्त कथन के ठीक आधा घंटा बाद युवक की लाश धारदार हथियारों से जख्म हुए लाश मिलने की जानकारी गांव में तेजी से फैल जाती है।
प्रेमिका की उपरोक्त कथन मामले को संदिग्ध बनाती है। प्रेमी प्रेमिका के बीच प्रेम प्रसंग जगजाहिर है।
फिर भी पुलिस की जांच की सुई मृतक के भाई-भाभी और उसके दोस्तों पर ही इर्द-गिर्द घूमती रही।
दो माह बाद भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया जैसा प्रतीत होता है।
घटना की जानकारी उजागर होने के बाद अब भीम की नगरी पामगढ़ में समाज के युवाओं के बीच जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
मैं सामाजिक कल्याण एवं न्याय अधिकारिता मंत्रालय नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से मांग करता हूं कि वह अंतर्जातीय प्रेम विवाह करने वाले प्रेमी जोड़े को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाए।
मनखे-मनखे एक समान,
स्वीकार नहीं कर पाता है हिंदुस्तान।
