घरघोड़ा। पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नगर पंचायत घरघोड़ा ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत अमृत मित्र पहल से जुड़ी ‘वूमेन फॉर ट्री’ योजना के तहत नगर पंचायत क्षेत्र के कवर समाज मुक्तिधाम में 300 फलदार पौधों का रोपण किया गया है।




इस पहल को नगर पंचायत घरघोड़ा के माध्यम से भावी स्व-सहायता समूह, झाप पारा की महिलाएं आगे बढ़ा रही हैं। खास बात यह है कि महिलाओं ने सिर्फ पौधे लगाने तक अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का दायित्व भी संभाला है।
पेड़ भी लगेंगे, महिलाओं की आमदनी भी बढ़ेगी
‘वूमेन फॉर ट्री’ अभियान को महज पौधरोपण कार्यक्रम के बजाय पर्यावरण और महिला आजीविका को जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। भावी स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा साग-सब्जियों की खेती भी की जा रही है, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर आय का अतिरिक्त साधन मिल सके।
यानी एक तरफ जहां आने वाले वर्षों में लगाए गए फलदार पौधे हरियाली और फल उत्पादन का आधार बनेंगे, वहीं दूसरी ओर समूह की महिलाओं को खेती के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ का संदेश
अभियान के दौरान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि पौधरोपण की असली सफलता पौधा लगाने में नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित रखते हुए पेड़ बनाने में है।
हरियाली के साथ आत्मनिर्भरता की ओर घरघोड़ा
नगर पंचायत घरघोड़ा और भावी स्व-सहायता समूह, झाप पारा की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला सशक्तीकरण और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यदि लगाए गए 300 फलदार पौधों का बेहतर संरक्षण होता है, तो आने वाले समय में कवर समाज मुक्तिधाम परिसर की तस्वीर बदल सकती है। यह स्थान न केवल हरियाली से भर सकता है, बल्कि महिलाओं की मेहनत से आजीविका और पर्यावरण संरक्षण का एक सफल मॉडल भी बन सकता है।
हरित, स्वच्छ और सुंदर घरघोड़ा के संकल्प के साथ यह पहल आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण देने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दे रही है।
