रायगढ़।घरघोड़ा नगर का सबसे पुराना मुक्तिधाम (स्मृतिवाटिका) अब जनसहयोग से एक नए और सुंदर स्वरूप में सामने आ रहा है। नगरवासियों ने अपने पूर्वजों की स्मृति में आपसी सहयोग और श्रमदान के माध्यम से मुक्तिधाम को संवारने का बीड़ा उठाया, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। कभी गंदगी और अव्यवस्था से जूझने वाला यह स्थल अब हरियाली से आच्छादित स्मृतिवाटिका और वॉल उद्यान के रूप में विकसित हो गया है, जहां लोग सैर और आत्मिक शांति के लिए भी पहुंच रहे हैं।


बिलासपुर संभाग के आयुक्त सुनील जैन, जो बुधवार को एकदिवसीय प्रवास पर घरघोड़ा पहुंचे थे, ने स्मृतिवाटिका का अवलोकन किया। उन्होंने यहां चंदन एवं फलदार अमरूद के पौधों का रोपण किया तथा नगरवासियों द्वारा किए गए इस अनुकरणीय जनसहयोग की खुले दिल से सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
मुक्तिधाम का बदला हुआ स्वरूप देखकर वे मंत्रमुग्ध हो गए। गौरतलब है कि पूर्व में अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम तक पहुंचना कठिन था और यह स्थल गंदगी एवं अव्यवस्था से भरा रहता था। इस स्थिति को देखते हुए नगरवासियों ने अपने पूर्वजों की स्मृति में इसे व्यवस्थित और सुंदर बनाने का संकल्प लिया। लोगों ने श्रमदान किया, विभिन्न अवसरों पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए और सैकड़ों फलदार व छायादार पौधे लगाए। आज ये पौधे वृक्ष का रूप लेकर मुक्तिधाम की शोभा बढ़ा रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।यह भी उल्लेखनीय है कि संभागायुक्त सुनील जैन पूर्व में कई वर्षों तक घरघोड़ा में एसडीएम के पद पर पदस्थ रह चुके हैं, जिससे उनका नगरवासियों से आत्मीय संबंध रहा है।
इससे पहले जिले के चर्चित तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया भी रेस्ट हाउस से पैदल चलकर मुक्तिधाम पहुंचे थे और जनसहयोग से किए गए कार्यों की प्रशंसा कर चुके हैं।इस अवसर पर राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष विजय शिशु सिन्हा, सोमदेव मिश्रा, मनोज विश्वाल, गोविंद अग्रवाल, संजय सिन्हा, विजय पंडा, संदीप पांडेय, संतोष अग्रवाल एवं नीरज शर्मा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
400 से अधिक फलदार व छायादार पौधे लगाए गए मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े नगर के प्रबुद्धजनों ने बताया कि यहां अब तक 400 से अधिक फलदार एवं छायादार पौधे लगाए जा चुके हैं।
इनमें करीब 300 से अधिक फलदार पौधे ‘वूमेन फॉर ट्री’ अभियान के अंतर्गत लगाए गए हैं। ये पौधे न केवल स्थल की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं।भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा भी हुई स्थापित नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने बताया कि वर्षों से मुक्तिधाम में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित करने की इच्छा थी, जो अब वर्ष 2026 में पूर्ण हुई है। हाल ही में यहां भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित की गई है, जिससे यह अंतिम पड़ाव अब आध्यात्मिक आस्था का भी केंद्र बन गया है।
