राज्यपाल ने ली निजी विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठकरायपुर, 19 दिसंबर 2024राज्यपाल और कुलाध्यक्ष श्री रमेन डेका ने आज सभी निजी विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक लेकर उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन व अन्य कार्यों की समीक्षा की। राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया कि नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों एवं नियमों के अनुरूप कार्य संचालन के निर्देश दिये।बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना, राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमेन श्री बृजेश मिश्र, राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम और सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।बैठक में राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों की शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है। इन विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के गाईडलाइन और शासन के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। विश्वविद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें, उनको व्यवसाय का संस्थान न बनाये। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों के लिए लागू विनियमन को उन्हें मानना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निजी विश्वविद्यालयों के लिए विनियामक आयोग का गठन बहुत अच्छी पहल है। राज्यपाल ने कहा कि रायपुर एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो सकता है जिसके लिए सभी का प्रयास जरूरी है।श्री डेका ने कहा कि विद्यार्थियों के हित में अकादमिक कैलेण्डर का पालन करें। उन्होंने नियमित शिक्षकों की नियुक्ति और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मापदंडों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को ही पी.एच.डी. के लिए गाइड नियुक्त करने संबंधी निर्देष दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मापदंडों का पालन नहीं करने वाले, विश्वविद्यालय पीएचडी नहीं करा पायंेगे। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से अब तक जितनी पी.एच.डी. डिग्री दी गई है उसकी जानकारी देने कहा।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, स्थानीय व लघु उद्योगों से समन्वय कर विद्यार्थियों के कौशल विकास के लिए कार्य करें। विद्यार्थी, विनिमय कार्यक्रम के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित किया कि शिक्षकों का रिफ्रेेशर कोर्स एवं प्रशिक्षण कराये, जिससे वे अपने विषयों में अपडेट रहें ताकि विद्यार्थी भी अध्ययन के प्रति आकर्षित हो और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। साथ ही उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एम.ओ.यू. करें। लाइवलीहुड के लिए भी विश्वविद्यालय नवाचार करें। राज्यपाल ने कहा कि बैठक में जो निर्णय होते हैं उनका पालन अनिवार्य रूप से करें और अगली बैठक में प्रतिवेदन लेकर आये। उन्होंने हर तीन माह में समीक्षा करने की बात कहीं।

