बिलासपुर संभाग हेड सुखदेव आजाद

जांजगीर-चांपा।छत्तीसगढ़ में रमज़ान के नाम पर शासकीय कर्मचारियों को एक घंटे की छुट्टी दिए जाने की खबर ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष अब्बास खान ने इस पूरे प्रकरण को लेकर तीखा विरोध दर्ज करते हुए आरोप लगाया है कि कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त पद के लेटरपैड से भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है।
मामला उस पत्र से जुड़ा है जिसमें रमज़ान माह के दौरान शासकीय मुस्लिम कर्मचारियों को प्रतिदिन एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है। इस दावे का समर्थन करते हुए डॉ. सलीम राज ने इसे ऐतिहासिक और संवेदनशील निर्णय बताया तथा कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सभी धर्मों का सम्मान कर रही है। उन्होंने इसे नरेन्द्र मोदी की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की सोच से भी जोड़ा।

लेकिन अब्बास खान ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई आधिकारिक शासकीय आदेश जारी नहीं हुआ है, तो कैबिनेट दर्जा प्राप्त पद के लेटरपैड से इस प्रकार की सूचना जारी करना जनता को भ्रमित करने जैसा है। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि यह निर्णय विधिवत प्रशासनिक आदेश है या केवल राजनीतिक बयानबाज़ी।
अब्बास खान ने आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका कहना है कि यदि किसी वर्ग को विशेष सुविधा दी जाती है तो उसका स्पष्ट सरकारी परिपत्र सार्वजनिक होना चाहिए, अन्यथा यह केवल सियासी संदेश बनकर रह जाता है।
इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर इसे धार्मिक आस्था के सम्मान का कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे भ्रामक प्रचार और तुष्टिकरण की राजनीति का उदाहरण बता रहा है। प्रदेश की राजनीति में यह विवाद अब बड़ा रूप लेता दिख रहा है।

