
घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय आह्वान पर आज 16 जुलाई को तहसील मुख्यालय घरघोड़ा में जोरदार प्रदर्शन किया गया। सायं 4 बजे विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए माननीय मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन तहसीलदार श्री मनोज गुप्ता को सौंपा।

इस प्रदर्शन में पेंशनरों ने भी शामिल होकर कर्मचारी हितों का समर्थन किया। प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए फेडरेशन के अध्यक्ष एवं छग प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष श्री संतोष पांडेय ने कहा कि केंद्र के समान 2% महंगाई भत्ता तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। इसके साथ ही जुलाई 2019 से देय महंगाई भत्ते के लंबित एरियर को जीपीएफ में समायोजित करने, वेतन विसंगति निवारण के लिए बनी पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान, सहायक शिक्षक व सहायक पशु चिकित्सकों को तृतीय समयमान वेतनमान देने जैसी मांगे प्रमुख हैं।
फेडरेशन ने पुरानी पेंशन लागू करने हेतु एनपीएस कटौती तिथि से सेवा गणना करने, 65 वर्ष सेवानिवृत्ति आयु करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति पर शर्त हटाने और 300 दिवस अर्जित अवकाश का नगदीकरण जैसी मांगे भी प्रमुखता से रखी।
इस आंदोलन में विभिन्न विभागों जैसे – लिपिक वर्ग, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास, पंचायत, लघु वेतन, पीडब्ल्यूडी, आरईएस, तहसील, रेशम विभाग, शिक्षा विभाग, आत्मानंद स्कूल, हाईस्कूल सहित अनेक शाखाओं के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
अध्यक्ष श्री पांडेय ने चेतावनी दी कि यदि 22 अगस्त तक मांगे पूरी नहीं की जाती, तो प्रदेश भर के अधिकारी-कर्मचारी एक दिन का सामूहिक अवकाश लेकर कार्य से विरत रहेंगे।
यह आंदोलन कर्मचारियों की एकता, हक की लड़ाई और “मोदी की गारंटी” लागू कराने की ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।

