
घरघोड़ा, 9 दिसंबर 2024: घरघोड़ा स्थित माध्यमिक शाला अ.जा.मो.में “लोकभाषा उत्सव 2024” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों पालकों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया। उत्सव के मुख्य आकर्षणों में दीवार पत्रिका का उद्घाटन और लोकभाषाओं में स्थानीय कहानियों का वाचन

शामिल था।कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती रीति पंडा मैम द्वारा की गई।उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि लोकभाषाओं का संरक्षण और संवर्धन बहुत आवश्यक है, क्योंकि ये हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपनी मातृभाषाओं को न केवल बोलें, बल्कि इसे सहेजने और बढ़ावा देने का

कार्य भी करें। इस अवसर पर, विद्यालय के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ी, अथवा क्षेत्रीय भाषाओं में लोककथाओं और लोकगीतों का वाचन किया। इन कहानियों ने श्रोताओं को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धारा से जोड़ने का कार्य किया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक कहानियों को पुनःजीवित किया और इनकी महत्ता को बताया।कार्यक्रम के एक प्रमुख आकर्षण के रूप में, विद्यालय की दीवार पर लोकभाषाओं से संबंधित एक रंगीन पत्रिका का उद्घाटन भी किया गया। इस पत्रिका में लोककथाओं, साहित्यिक रचनाओं, और लोकगीतों का संकलन किया गया था, जिसे विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ तैयार किया था। दीवार पत्रिका में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को चित्रित किया गया, जो विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक शैक्षिक संसाधन के रूप में कार्य करेगी।इस

उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में लोकभाषाओं के प्रति जागरूकता और प्रेम पैदा करना था। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस प्रयास की सराहना की और विद्यालय के प्रयासों को सराहा।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लोकभाषाओं को बढ़ावा देने का संकल्प लिया और इस प्रकार “लोकभाषा उत्सव 2024” ने सभी को अपनी संस्कृति से जुड़ने और इसे बचाने का संदेश दिया।
