
रायगढ़ ।छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह, रायगढ़ में शासकीय आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय छर्राटांगर की शिक्षिका श्रीमती ज्योत्सना राजपूत को शिक्षा, विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु विशिष्ट सेवा प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।


वर्ष 2025–26 के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को NEET एवं JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सतत मार्गदर्शन, विज्ञान आधारित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता तथा नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शिक्षा को नई दिशा प्रदान की।


हाल ही में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत आयोजित पेपरलेस प्रतियोगिताओं में श्रीमती ज्योत्सना राजपूत ने क्विज मास्टर के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जहाँ उनकी कार्यशैली, विषय पर पकड़, समय प्रबंधन एवं विद्यार्थियों से संवाद की क्षमता को सभी उपस्थितअधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा सराहा गया।
श्रीमती ज्योत्सना राजपूत को सितंबर 2024 में रायगढ़ जिले से चयनित मात्र तीन प्रतिभागियों में से एक के रूप में गांधीनगर स्थित IIT कार्यशाला में चयन होने का गौरव प्राप्त हुआ। इसके साथ ही उन्होंने विज्ञान अनुसंधान यात्रा 2025 (कोलकाता) में ज़ोन इंचार्ज के रूप में अपनी सशक्त भूमिका निभाई।वे वर्ष 2021 से ओ.पी.जे. विश्वविद्यालय, पुँजीपथरा के साथ विभिन्न विज्ञान एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहयोग कर रही हैं।
साथ ही समग्र शिक्षा, रायपुर के अंतर्गत विज्ञान पुस्तिका निर्माण सहित अनेक नवाचारपूर्ण शैक्षणिक कार्यों में उनका योगदान निरंतर रहा है।उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पश्चिम भारत विज्ञान मेला में भाग लेते हुए राज्य स्तर तक पहुँचने की उपलब्धि हासिल की, जो उनकी प्रतिबद्धता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।
यह प्रशस्ति पत्र माननीय श्री रामविचार नेताम जी (प्रभारी मंत्री, रायगढ़) के करकमलों से प्रदान किया गया। इस गरिमामय अवसर पर कलेक्टर रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी, एस पी रायगढ़, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव, डीएमसी आलोक स्वर्णकार सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी एवं डीएमसी आलोक स्वर्णकार ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीमती ज्योत्सना राजपूत को प्राप्त यह सम्मान उनके निरंतर परिश्रम, अनुशासन, नवाचारी सोच एवं प्रभावी कार्यशैली का प्रतिफल है।
निश्चित रूप से उनका यह योगदान जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

