
पंडरिया:- कबीरधाम जिले के बघर्रा धान संग्रहण केंद्र में करीब 41 करोड़ का धान 6 महीने से अधिक समय से जाम है । उठाव न होने और बारिश से बचाव की सही व्यवस्था नही होने के कारण धान की गुणवत्ता व मात्रा दोनो पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है ।

ब्लॉक अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने कहा कि समय से धान नही उठाना कही ये धान को सड़ाने की कोई सोची समझी साजिश तो नही है । संग्रहण केंद्र में धान को बारिश से बचाने के लिए चबूतरों की व्यवस्था नही होने के कारण आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है ।
ब्लॉक अध्यक्ष जायसवाल ने बताया कि धान संग्रहण केंद्र में 157041 क्विंटल धान में से अब तक मात्र 24775 क्विंटल धान का उठाव हुआ है इसका मतलब ये है कि अभी भी 41 करोड़ का धान जाम है । सबसे जबरदस्त बात तो ये है कि केंद्र में एक भी चबूतरा नही है ,जमीन पर भूसा बिछाकर धान को रखा गया है । बारिश में धान को बचाने के लिए तिरपाल से ढका गया था लेकिन अब बारिश और आंधी के चलते तिरपाल फट रहे हैं ।
मिलर्स गिनती के ट्रक भेज रहे हैं नवीन जायसवाल ने बताया कि गांव वालों से जानकारी लेने पर पता चला कि दिन भर में एक से दो ट्रक धान का उठाव हो रहा है । अगर इसी गति में धान का उठाव होगा तो कम से कम 2 से 3 माह लग जायेगा और इस दौरान तेज बारिश होती है तो धान पूरी तरह से सड़ भी सकता है ।
ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा कि बारिश अगर 2 से 3 दिन लगातार होगी तो धान का उठाव होगा ही नही क्योंकि सड़क मिट्टी का है सरकार ने संग्रहण केंद्र तो खोल दिया पर सड़क की सही व्यवस्था नही की है ।

