
घरघोड़ा में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्षेत्र के बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने हाल के दिनों में शिकायत दर्ज कराई है कि विभाग द्वारा बिना वास्तविक मीटर रीडिंग लिए ही अत्यधिक बिजली बिल जारी किए जा रहे हैं। इस मनमानी के कारण उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और उन्हें मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी निर्धारित समय पर मीटर रीडिंग लेने नहीं आते। बाद में अनुमानित खपत के आधार पर बढ़े हुए बिल थमा दिए जाते हैं, जिससे उपभोक्ता उलझन में पड़ जाते हैं। कई लोगों को बिल सुधार करवाने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जबकि शिकायत केंद्रों पर भी उनकी बात को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा।
स्थिति यह है कि लोग घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी समाधान अधर में ही लटका रहता है।
उपभोक्ता मोर्चा और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग की इस लापरवाही पर नाराज़गी व्यक्त की है। उनका कहना है कि विभाग को हर उपभोक्ता के मीटर की समय पर रीडिंग लेनी चाहिए और बिल वास्तविक खपत के आधार पर ही जारी करना चाहिए। अनुमानित बिलों की व्यवस्था उपभोक्ताओं पर अनावश्यक बोझ डाल रही है, जो किसी भी तरह से उचित नहीं है।
इस पूरे मामले पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण और तत्काल सुधार की मांग की गई है।
साथ ही स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से भी हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
