आगामी 3 वर्षों में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने हेतु अभियान चलाकर किया जाएगा कार्यबाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रशासन जन सामान्य से समन्वय बनाकर करे कार्य -संभाग आयुक्त श्री राठौरकलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने महिलाओं को शिक्षित एवं सक्षम बनाने की अपील कीदुर्ग, 03 जनवरी 2025/ मिशन वातसल्य योजना अंतर्गत ’’बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के सेमीनार कक्ष में एक दिवसीय संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में दुर्ग संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी उपस्थित थे। संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है। बाल विवाह का दुष्प्रभाव स्वयं के जीवन के साथ-साथ समाज को भी दूषित करता है। संभाग आयुक्त ने अवगत कराया वर्तमान में राज्य में बाल विवाह की दर 12 प्रतिशत है। इस आंकड़े को कम करने के लिए संभाग में हम सबको प्रयास करना है। प्रशासन के समस्त विभाग जैसे स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं जन सामान्य को भी समन्वय बनाकर बाल विवाह की रोकथाम हेतु निरंतर प्रयास करना है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा बाल विवाह अर्थात कम उम्र में शादी समाज की प्रगति में बाधा डालती है। बाल विवाह प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए विशेषरूप से महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा बालिकाएं जल्द विवाह न करे। सबसे पहले सक्षम बनना आवश्यक है। बेटियां पहले सक्षम बने फिर विवाह करे। अभिभावक बेटियों, बहनों एवं महिलाओं को पढ़ाएं, उन्हे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे और समाज की प्रगति में सहयोग करे। कार्याशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी ने प्रमुख रूप से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा शासन प्रशासन बाल विवाह रोकथाम के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। इसके तहत चरणबद्ध रूप से संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिसकी शुरुआत दुर्ग संभाग से की गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए शासन प्रशासन समाज की सहभागिता से अभियान चला कर कार्य कर रही है। हमें लोगों को बाल विवाह एवं उससे होने वाले दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करना है। समाज के प्रमुख अपने अपने सामाजिक संगठनों में चर्चा कर जागरूकता लाने का कार्य करे। स्थानीय निकाय विशेष कर ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रयास करे। कार्याशाला में बाल विवाह से संबंधित अनेक पहलुओं पर चर्चा की गई। युवोदय दुर्ग के दूत स्वयं सेवी टीम द्वारा बाल विवाह जागरूकता के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया गया।

