
धरमजयगढ़। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 7.5 किमी बायपास मार्ग पर किए जा रहे अवैध निर्माणों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शनिवार को प्रशासनिक अमले ने ग्राम मेंढरमार एवं बायसी कॉलोनी क्षेत्र में कृषकों एवं भू-माफियाओं द्वारा बनाए गए शेडनुमा ढांचों को ध्वस्त कर दिया।

जानकारी के अनुसार, परियोजना का अधिसूचना 30 जनवरी 2020 तथा 23 सितंबर 2021 को जारी हो चुका है। इसके बावजूद अधिग्रहित कृषि भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अधिक मुआवजा पाने की लालसा में अवैध शेडों का निर्माण किया जा रहा था। इन शेडों में न तो पहुंच मार्ग, न बिजली-पानी की सुविधा और न ही किसी प्रकार का उत्पादन कार्य (मुर्गी पालन, पशुपालन या मशरूम उत्पादन) किया जा रहा था।अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, धरमजयगढ़ ने 25 नवंबर 2024 को नोटिस जारी कर अवैध शेड हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद 4 जुलाई 2025 को तहसीलदार द्वारा पुनः नोटिस दिया गया।
बावजूद इसके निर्माण नहीं हटाए जाने पर 13 अगस्त 2025 को अंतिम नोटिस जारी कर 28 अगस्त 2025 तक शेड हटाने का समय दिया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध निर्माण जस का तस पाए जाने पर आज प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की।प्रशासन का कहना है कि ये शेड पूरी तरह बजरमुड़ा प्रकरण की तर्ज पर अधिक मुआवजा पाने के उद्देश्य से खड़े किए गए थे।
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 172 के अनुसार बिना डायवर्सन एवं सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किए गए इन निर्माणों को अवैध मानते हुए हटाया गया है।इस कार्रवाई से इलाके में भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतमाला परियोजना में बाधा डालने या शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

