
सपनों को पूरा करने की राह बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनादिव्यांग बेटियों के जीवन में खुशियों की सौगातशांति के दुल्हन बनने का सपना हुआ साकार
बलरामपुर, 11 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना उन बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है, जिनके जीवन में आर्थिक अभाव और शारीरिक चुनौतियों के कारण विवाह एक सपना ही रहा जाता है।
ऐसी ही जिले के तीन दिव्यांग बेटियों की कहानी है जिनका जीवन नई दिशा पा सका।जिले के विकासखंड वाड्रफनगर के अंतर्गत रहने वाले दिव्यांग युवती शांति ने भी अपने जीवन में दुल्हन बनने का सपना देखा था।
लेकिन शांति ने बचपन से शारीरिक बाधाओं का सामना करते हुए जीवन की राह तय की। शांति बताती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सीमित आय के कारण विवाह का सपना अधुरा सा लगने लगा था।
परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने के कारण माता-पिता के लिए विवाह की व्यवस्था कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था।इस दौरान उन्हें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के बारे में जानकारी मिली।
ग्राम पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से उनका पंजीयन किया गया और इनका विवाह संपन्न कराया गया। सामूहिक विवाह समारोह में जब शांति दुल्हन के रूप में सजी तो परिवार में सभी खुशी से भावुक हो गए। वैदिक मंत्रोच्चार विधि-विधान के साथ शांति ने सात फेरे लेकर नव वैवाहिक जीवन में कदम रखा।
शांति ने भावुक होकर कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना उन बेटियों के जीवन में खुशियां भरी हैं। जिनके सपने आर्थिक अभाव के कारण अधुरे रह जाते है।
शांति ने योजना के लिए धन्यवाद देते हुए शासन एवं प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।समारोह में दो अन्य दिव्यांग जोड़ों का भी विवाह संपन्न हुआ। जिसमें एक जोड़े हिंदू रीति-रिवाज अनुसार मंत्रों के उच्चारण और एक जोड़े का ईसाई नियमानुसार पादरी ने विवाह संपन्न कराया।
