
टुंडरी। ग्राम पंचायत टुंडरी में आज पारंपरिक भोजली प्रतियोगिता का रंगारंग आयोजन किया गया, जो पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में निर्णायक समिति के रूप में ईश्वर साहू, सरजू दास मानिकपुरी, भुवन साहू तथा सरपंच प्रतिनिधि सोहन साहू सहित समस्त पंचगण मौजूद रहे।


ग्राम की माताओं और बहनों ने बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ सुंदर-सुंदर भोजली सजाकर प्रतियोगिता में भाग लिया। निर्णायकों द्वारा चयन के बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।

इसके अलावा 10 महिलाओं को सम्मान स्वरूप साड़ी भेंट की गई, वहीं 10 बच्चों को स्नेह स्वरूप टिफ़िन डब्बा देकर प्रोत्साहित किया गया। जनप्रतिनिधियों की घोषणा के अनुसार सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।

भोजली पर्व का महत्व
भोजली छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पारंपरिक पर्व है, जिसे सावन पूर्णिमा के अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं और बालिकाओं द्वारा मनाया जाता है।

इसमें गेहूँ, जौं या अन्य अनाज के बीजों को मिट्टी के पात्र में बोकर हरी अंकुरित पौध तैयार की जाती है। सावन भर इसे सींचा और पूजा जाता है, तथा पूर्णिमा के दिन इसे नदी, तालाब या जल स्रोत में विसर्जित किया जाता है। भोजली में महिलाएं गीत गाती हैं, नृत्य करती हैं और सामाजिक एकता का संदेश देती हैं।

टुंडरी में आयोजित इस प्रतियोगिता में भी परंपरा और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और आपसी भाईचारे का माहौल रहा। सभी विजेताओं को ग्राम पंचायत एवं जनप्रतिनिधियों ने हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।

