घरघोड़ा नगर पंचायत के पुर्व अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी को कांग्रेस पार्टी से टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय जनता में नाराजगी फैल गई है। लोग अब उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं। चौधरी के निवास स्थान पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुटे हैं और उनके समर्थन में आकर यह मांग कर रहे हैं कि वह आगामी नगर पंचायत चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरें।
स्थानीय लोग मानते हैं कि सुरेंद्र चौधरी ने पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर कड़ी मेहनत की है और उनकी लोकप्रियता क्षेत्र में काफी ज्यादा है। अब, जब पार्टी ने उन्हें टिकट से वंचित कर दिया है, तो जनता का मानना है कि चौधरी निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी सशक्त स्थिति को साबित कर सकते हैं।

अगर सुरेंद्र चौधरी चुनाव लड़ते हैं, तो यह मुकाबला निश्चित रूप से त्रिकोणीय हो सकता है, जिसमें कांग्रेस के उम्मीदवार के अलावा भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवार भी मैदान में होंगे। चौधरी की स्थिति उनके समर्थकों और जनता के विश्वास के आधार पर मजबूत दिख रही है, जिससे यह चुनाव काफी दिलचस्प हो सकता है।
अब यह देखना होगा कि क्या सुरेंद्र चौधरी जनता के दबाव के आगे झुकेंगे और निर्दलीय चुनाव लड़ने का निर्णय लेंगे, या फिर वे कांग्रेस पार्टी के साथ बने रहकर चुनाव में भाग लेंगे।
समाचार लिखे जाने तक जनता द्वारा निर्दलीय चुनाव लड़ने का दबाव बनाया जा रहा है।
