घरघोड़ा।




चोर ने सोचा था—बारिश होगी, रात होगी, चेहरा गमछे में होगा और पुलिस को कुछ पता नहीं चलेगा। लेकिन शायद उसे यह नहीं पता था कि आजकल गमछा चेहरा तो छिपा सकता है, CCTV की नजर और पुलिस की तकनीकी जांच नहीं।
घरघोड़ा के जयस्तंभ चौक में दो किराना दुकानों की छत और फॉल सीलिंग तोड़कर लाखों की नगदी व चांदी पर हाथ साफ करने वाले आरोपी को रायगढ़ पुलिस ने राजनांदगांव जिले के चिचोला बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे और मेमोरंडम से 6,30,286 रुपये की संपत्ति बरामद हुई है।
बारिश बनी ढाल, टीन की छत बनी ‘एंट्री गेट’
23-24 अगस्त की दरम्यानी रात तेज बारिश हो रही थी। इसी मौसम को आरोपी ने चोरी के लिए मुफीद समझा। पहले संतोष किराना दुकान की टीन शीट और फॉल सीलिंग तोड़ी और अंदर घुस गया।
पुलिस के अनुसार दुकान से करीब 4 लाख रुपये नगद, चांदी के सिक्के और चांदी का बिस्किट चोरी किया गया।
फिर बगल की गोकुलचंद मामराज किराना दुकान की बारी आई। यहां भी छत और फॉल सीलिंग तोड़कर करीब 90 हजार रुपये नगद समेत किराना सामान पर हाथ साफ किया गया।
यानी एक ही रात में एक दुकान से मन नहीं भरा तो बगल वाली दुकान भी ‘कवर’ कर दी गई।
चेहरे पर गमछा… लेकिन 100 CCTV से कैसे बचते?
आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर गमछा बांधा था। शायद उसे लगा कि मामला यहीं खत्म।
लेकिन पुलिस ने जयस्तंभ चौक और आसपास के इलाके में लगे 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल डाले।
एक-एक फुटेज जोड़ते-जोड़ते पुलिस संदिग्ध तक पहुंच गई। पहचान हुई बरपाली नवाडीह निवासी सतीष चौहान के रूप में।
पुलिस उसके घर पहुंची तो आरोपी वहां नहीं मिला। यानी घर पर पुलिस, आरोपी बाहर और कहानी अब शुरू हुई असली भागमभाग की।
चोरी के पैसे से खरीदा मोबाइल, फिर शुरू हुई मौज-मस्ती
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने चोरी की रकम से लैलूंगा की तमन्ना मोबाइल दुकान से 19,300 रुपये में सैमसंग मोबाइल खरीदा था।
पुलिस के मुताबिक करीब 25 हजार रुपये घूमने-फिरने और खाने-पीने में खर्च कर दिए गए।
चोरी के बाद शायद आरोपी ने सोचा होगा कि अब जिंदगी सेट है। लेकिन उसे यह अंदाजा नहीं था कि पुलिस उसकी ‘नई जिंदगी’ का लोकेशन भी तलाश रही है।
घरघोड़ा से नागपुर… फिर चिचोला में पुलिस ने रोक दी ‘भागमभाग’
तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की लोकेशन नागपुर में मिली। रायगढ़ पुलिस की टीम नागपुर रवाना हुई।
लेकिन पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी वहां से भी निकलने की कोशिश करने लगा।
घरघोड़ा → नागपुर → राजनांदगांव…
आरोपी की यह यात्रा आखिरकार चिचोला बस स्टैंड पर खत्म हुई, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
कहानी का क्लाइमेक्स यह रहा कि चोर जितना दूर भागता गया, पुलिस की तकनीकी जांच उतनी ही करीब पहुंचती गई।
6.30 लाख की संपत्ति बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपी के मेमोरंडम के आधार पर—
₹2,64,146 नगद
1 किलो 508 ग्राम चांदी — अनुमानित कीमत ₹3,46,840
सैमसंग एंड्रॉएड मोबाइल
चेकदार गमछा
बरामद किया गया। कुल बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत ₹6,30,286 बताई गई है।
और मजेदार बात यह कि जिस गमछे के भरोसे पहचान छिपाने निकला था, वही गमछा अब पुलिस की बरामदगी सूची में दर्ज है।
पुलिस का संदेश—भागने से दूरी बढ़ती है, कानून से नहीं
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध के बाद आरोपी कितना भी दूर भाग जाए, पुलिस की तकनीकी निगरानी और सतत प्रयास से उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जाएगा।
इस कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह, एएसपी अनिल सोनी के निर्देशन के साथ एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी, साइबर डीएसपी शिखर मरावी, थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू, साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक सहित पुलिस और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
व्यंग्य में आखिरी बात—
चोर ने सोचा था गमछा चेहरा छिपा देगा, बारिश सबूत बहा देगी और नागपुर दूरी बढ़ा देगा।
पुलिस ने साबित कर दिया—CCTV की आंख खुली हो तो गमछा भी बेकार, बारिश भी बेअसर और नागपुर भी ज्यादा दूर नहीं।
