वल्लभ नगर में महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन का सराहनीय पहल, सेवा-संस्कार और स्वावलंबन का दिया संदेश
दल्लीराजहरा। जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना और समाज के वंचित वर्ग तक मदद पहुंचाना ही सच्ची मानव सेवा है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए महावीर इंटरकॉन्टिनेंटल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन (MISO) द्वारा नगर के वार्ड क्रमांक 03, वल्लभ नगर में करीब 100 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क वस्त्रों का वितरण किया गया। संस्था की इस पहल से बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली।





MISO का मूल उद्देश्य “सेवा, संस्कार एवं स्वावलंबन” की भावना को समाज में मजबूत करना है। इसी उद्देश्य के तहत आयोजित सेवा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त श्री लोकेश कावड़िया शामिल हुए।
“जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री लोकेश कावड़िया ने कहा कि MISO द्वारा किया जा रहा सेवा कार्य बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि सेवा, संस्कार और स्वावलंबन केवल संस्था का उद्देश्य नहीं, बल्कि हमारे जीवन का आधार होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब हम बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की मदद करते हैं, तो वही सच्ची मानव सेवा होती है। बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार विकसित करना जरूरी है, क्योंकि यही बच्चे आगे चलकर समाज और देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसे सेवा कार्यों से समाज में आपसी सहयोग, भाईचारा और संवेदनशीलता बढ़ती है तथा जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने MISO परिवार को इस पुनीत कार्य के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी इसी तरह सेवा कार्य जारी रखने की शुभकामनाएं दीं।
सेवा कार्य में जुटे समाजसेवी और गणमान्य नागरिक
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पंकज वर्मा, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री मनोज दुबे पिंटू, समिति सदस्य स्वाधीन जैन, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के श्री अंकित टांटिया, पूर्व पार्षद मोनू सोमेश जायसवाल, हितेश जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
MISO की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज में बदलाव केवल बड़ी घोषणाओं से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के साथ खड़े होकर किए गए छोटे-छोटे सेवा कार्यों से आता है। बच्चों को वस्त्र वितरण की यह पहल निश्चित रूप से सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई।
