रायगढ़, 31 अगस्त 2026। जिले के विकास कार्यों और केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसदों ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका सीधा लाभ आम नागरिकों और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। बैठक में सड़क, स्कूल भवन, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, आवास, कृषि और रोजगार समेत विभिन्न मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई।





बैठक की अध्यक्षता लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने की, जबकि राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह सह-अध्यक्ष के रूप में मौजूद रहे। सांसदों ने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से जमीनी स्तर पर योजनाओं के वास्तविक प्रभाव की जानकारी ली।
बारिश में खराब सड़कों पर सांसदों की नजर, गड्ढों की तत्काल मरम्मत के निर्देश
बैठक में जिले की आवागमन व्यवस्था प्रमुख मुद्दा रही। बारिश के दौरान खराब सड़कों और गड्ढों के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी को लेकर सांसदों ने नाराजगी जताते हुए आवश्यकतानुसार सड़कों की मरम्मत कर आवागमन सुगम बनाने के निर्देश दिए।

साथ ही स्थानीय जरूरतों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त मांगों के आधार पर विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। स्कूल भवनों की स्थिति और आवश्यक अधोसंरचना की भी समीक्षा की गई।
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता का पैमाना यह है कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

हर विकासखंड में बनेगा पीएम सूर्य घर योजना का मॉडल ग्राम
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर विशेष जोर दिया गया। प्रत्येक विकासखंड में एक ग्राम पंचायत का चयन कर उसे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मॉडल ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया।
जनऔषधि केंद्रों को लेकर भी बड़ा फैसला, जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा
बैठक में प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों को लेकर भी चर्चा हुई। सांसदों ने कहा कि जब कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध हैं तो आम लोगों को इसकी जानकारी भी होनी चाहिए।

जनऔषधि केंद्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, उचित स्थानों पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने और लोगों को जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। चिकित्सकों द्वारा लिखे जाने वाले पर्चों में जेनेरिक दवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
1.06 लाख से अधिक पीएम आवास पूर्ण, 56 हजार महिलाएं बनीं लखपति दीदी
जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2016 से 2023 तक स्वीकृत आवासों में 55,955 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। वहीं वर्ष 2024 से 2026 की अवधि में स्वीकृत आवासों में 50,414 आवास पूर्ण हो चुके हैं। पीएम जनमन योजना के तहत भी 171 आवास पूर्ण किए गए हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्व-सहायता समूह, बैंक लिंकेज और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। जिले में अब तक 56 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
किसान से लेकर युवा तक—हर योजना की हुई समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, उद्यानिकी गतिविधियों, संरक्षित खेती, शेडनेट हाउस, पॉलीहाउस, मल्चिंग, जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन और पेयजल उपलब्धता की स्थिति पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बिजली व्यवस्था में खराब ट्रांसफार्मरों और अन्य समस्याओं के शीघ्र निराकरण पर भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
स्वास्थ्य और कौशल विकास पर भी फोकस
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में गर्भवती माताओं का पंजीयन, कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार, संक्रामक रोग नियंत्रण, आयुष्मान भारत, सिकल सेल जांच और एचपीवी टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली गई।
वहीं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को स्थानीय जरूरत और उनकी रुचि के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को चेताया—लापरवाही हुई तो होगी कार्रवाई
बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने अधिकारियों को समिति द्वारा दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को बेहतर अंतरविभागीय समन्वय के साथ काम करते हुए योजनाओं का प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वनमंडलाधिकारी सत्यदेव शर्मा, सभी जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर बैठक का संदेश साफ रहा—विकास योजनाओं की फाइलें नहीं, बल्कि जमीन पर उनका असर दिखाई देना चाहिए। सांसदों ने सड़क से लेकर स्कूल, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और रोजगार तक हर मोर्चे पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
