घरघोड़ा। नगर में चोरों के हौसले अब इतने बुलंद नजर आ रहे हैं कि उन्हें न पुलिस का खौफ है और न ही थाने की नजदीकी का। कुछ दिन पहले तीन दुकानों के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने एक बार फिर पुलिस को मानो खुली चुनौती दे दी है। इस बार निशाना बना थाना से सटी दो दुकानें, जहां चोर छत तोड़कर अंदर घुसे और लाखों रुपये का माल व नगदी लेकर फरार हो गए।




जानकारी के मुताबिक बीती रात चोरों ने थाना के बगल स्थित संतोष किराना और गोकुल चंद मामराज राशन दुकान को निशाना बनाया। चोरों ने पहले छत को तोड़ा और फिर दुकान के अंदर दाखिल होकर इत्मीनान से सामान समेटते रहे।
वारदात देखकर ऐसा लग रहा है जैसे चोरों को जल्दबाजी कम और पुलिस की मौजूदगी का भरोसा ज्यादा था।
संतोष किराना दुकान से करीब 4 लाख रुपये नगद, चांदी के सिक्के, सोने के जेवरात, मोबाइल सहित अन्य सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं गोकुल चंद मामराज राशन दुकान से भी एक लाख रुपये से अधिक नगदी और बड़ी मात्रा में सामान चोरी होने की बात सामने आई है।

थाना पास, फिर भी चोर बेखौफ!
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब थाना से सटी दुकानों की छत सुरक्षित नहीं है, तो शहर की बाकी दुकानों की सुरक्षा भगवान भरोसे कितनी है? लगातार चोरी की घटनाओं के बावजूद चोरों का हौसला कम होने के बजाय बढ़ता नजर आ रहा है।
कुछ दिन पहले नगर में तीन दुकानों के ताले टूटे थे। अब थाना से सटी दो दुकानों में छत तोड़कर चोरी ने पुलिस की रात्रि गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी वर्ग में इसको लेकर नाराजगी और दहशत दोनों दिखाई दे रही है।
चोरों ने छत से दी एंट्री, पुलिस अब CCTV में ढूंढ रही रास्ता
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
अब देखना यह है कि पुलिस इस बार चोरों तक कितनी जल्दी पहुंचती है। क्योंकि नगर के व्यापारी यही सवाल पूछ रहे हैं—जब चोर थाना के बगल तक पहुंच गए, तो पुलिस चोरों तक कब पहुंचेगी?
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने घरघोड़ा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी का माल बरामद करने और रात में गश्त व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और व्यापारी इस उम्मीद में हैं कि अगली सुबह फिर किसी दुकान का ताला नहीं, बल्कि पुलिस की कार्रवाई की खबर मिले।
