जगदलपुर, 24 मार्च 2026
अखिल भारतीय समन्वित लघु धान्य फसल अनुसंधान परियोजना के तहत ग्राम टाकरागुड़ा में बीते दिनों अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान परिक्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिकों ने स्थानीय कृषकों को लघु धान्य फसलों की उन्नत कास्त और उनके उत्पादन की बारीकियों से अवगत कराया।
परियोजना के समन्वयक डॉ. प्रहलाद नेताम ने वर्तमान में चल रहे विभिन्न अनुसंधान कार्यों की जानकारी साझा की, जबकि मुख्य अतिथि शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के अधिष्ठाता डॉ आरएस नेताम ने कृषकों को इन फसलों की महत्ता और आधुनिक उत्पादन तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अनुसंधान सह संचालक डॉ एके ठाकुर ने केन्द्र द्वारा विकसित लघु धान्य की विभिन्न किस्मों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन फसलों को भोजन में सम्मिलित करना स्वास्थ्य के लिए कितना लाभकारी है, साथ ही उन्होंने इनके पोषक तत्वों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
तकनीक सत्र में डॉ एनसी मंडावी ने फसलों में लगने वाले कीटों और उनके प्रभावी उपचारों के बारे में बताया, वहीं डॉ एनके नाग ने उन्नत उत्पादन तकनीक और डॉ तेजपाल चन्द्राकर ने मृदा की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
महिला कृषकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए वैज्ञानिक डॉ. सोनाली कर ने उनके साथ सीधा संवाद किया और खेती में आने वाली व्यावहारिक परेशानियों का निराकरण किया।
बीजों की गुणवत्ता और उपलब्धता के संबंध में डॉ आरआर कंवर ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जबकि कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री रामनाथ मौर्य ने विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी कृषकों तक पहुँचाई।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में वैज्ञानिक संदीप जोशी, बीटीएम युगेन्द्र पाण्डे और अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने किसानों को मिलेट्स की खेती की ओर प्रेरित किया।
