BhokochandBhokochand
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Search
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Reading: रायपुर : गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
BhokochandBhokochand
Font ResizerAa
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Search
  • Home
  • Latest News
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
Blog

रायपुर : गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव

Basant Ratre
Last updated: March 23, 2026 7:19 pm
Basant Ratre 18 Views
Share
4 Min Read
SHARE
1774271116 c4f3f3d8fe823fe0ea1c

भूतेश्वरनाथ से जतमई-घटारानी तक हर कदम पर अद्भुत एहसास

रायपुर, 23 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ का गरियाबंद जिला केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, आध्यात्मिकता और रोमांच का जीवंत अनुभव है।

यहां की हरियाली, झरनों की गूंज, मंदिरों की आस्था और जंगलों की शांति पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। जिले के ग्राम मरोदा के पास स्थित भूतेश्वरनाथ महादेव मंदिर एक प्राकृतिक शिवलिंग है, जिसके बारे में मान्यता है कि यह शिवलिंग हर वर्ष स्वतः बढ़ता जाता है।

सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। घने जंगलों के बीच स्थित यह स्थल अद्भुत आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है और यहां पहुंचते ही मन स्वतः ही शांत हो जाता है।

गरियाबंद का जतमई और घटारानी क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य का अनमोल खजाना है। रायपुर से लगभग 80-90 किलोमीटर दूर स्थित यह क्षेत्र विशेषकर वर्षा ऋतु में अपनी पूरी भव्यता के साथ नजर आता है। बारिश के समय यहां के झरने ऊंची चट्टानों से पूरी शक्ति के साथ गिरते हैं, जिससे चारों ओर पानी की फुहार और हल्की धुंध-सा वातावरण बन जाता है।

घनी हरियाली से आच्छादित यह क्षेत्र ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने स्वयं इसे सजाया हो। ठंडी हवाएं और झरनों की निरंतर गूंज मन को गहरे सुकून का एहसास कराती है।

जतमई या घटारानी पहुंचते ही झरनों की तेज आवाज सुनाई देती है, जो पर्यटकों का स्वागत करती है। ऊंचाई से गिरता पानी, चट्टानों पर बहती धाराएं और आसपास खड़े विशाल वृक्ष एक जीवंत दृश्य प्रस्तुत करते हैं।

लोग यहां चट्टानों पर बैठकर इस प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते हैं, वहीं कई पर्यटक झरनों के पास जाकर ठंडे पानी की फुहार का आनंद लेते हैं।

घटारानी मंदिर के समीप बहता झरना विशेष आकर्षण का केंद्र है, जहां पानी कई स्तरों में गिरता हुआ अद्भुत दृश्य बनाता है, जबकि जतमई माता मंदिर के आसपास धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

प्राकृतिक और वन्यजीव प्रेमियों के लिए उदंती-सीतानदी अभयारण्य एक अनूठा आकर्षण है। जैव विविधता से भरपूर यह अभयारण्य दुर्लभ वन्य जीवों, विशेषकर जंगली भैंसों के संरक्षण के लिए जाना जाता है।

यहां का शांत और प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है।गरियाबंद की यात्रा केवल एक सैर नहीं, बल्कि एक संपूर्ण अनुभव बन जाती है।

जैसे-जैसे पर्यटक शहर की भीड़-भाड़ से दूर इन हरे-भरे जंगलों की ओर बढ़ते हैं, वैसे-वैसे उन्हें शांति और सुकून का एहसास होने लगता है। यहां पहुंचने पर ठंडी हवाएं, झरनों की ध्वनि और प्राकृतिक वातावरण व्यक्ति को पूरी तरह तरोताजा कर देते हैं।

परिवार, मित्रों या अकेले यात्रा करने वाले सभी लोगों के लिए यह स्थान खास अनुभव प्रदान करता है, जहां पिकनिक, फोटोग्राफी, ट्रैकिंग और धार्मिक दर्शन का आनंद एक साथ लिया जा सकता है।गरियाबंद तक पहुंचना भी बेहद आसान है।

रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस जिले तक सड़क मार्ग से 2 से 3 घंटे में पहुंचा जा सकता है। अभनपुर और राजिम होते हुए जाने वाला मार्ग हरियाली और प्राकृतिक दृश्यों से भरपूर है, जो यात्रा को और भी सुखद बना देता है।

बस, टैक्सी और निजी वाहन सभी माध्यमों से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

गरियाबंद जिला प्रकृति के सौंदर्य, आस्था की गहराई और रोमांच के अद्भुत मेल का प्रतीक है।

भूतेश्वरनाथ की दिव्यता, जतमई-घटारानी के झरनों की जीवंतता और पूरे क्षेत्र की हरियाली इसे छत्तीसगढ़ का एक ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाती है, जहां हर यात्रा यादगार बन जाती है।

Related

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
By Basant Ratre
Follow:
Bhokochand.com एक हिंदी न्यूज़ पोर्टल है , इस पोर्टल पर छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ताज़ा खबरों को प्रकाशित किया जाता है|
Previous Article बलरामपुर : समय-सीमा की बैठक संपन्न
Next Article कोरिया : जिला जेल बैकुण्ठपुर में बंदियों को मिला कृषि उद्यमिता प्रशिक्षण
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe

Latest News

राजनांदगांव : पोट्ठ लईका पहल से बच्ची परिधी हुई पूरी तरह स्वस्थ, सामान्य श्रेणी में पहुंची
Blog March 23, 2026
राजनांदगांव : जिला स्तरीय सतर्कता एवं मानिटरिंग समिति की बैठक 30 मार्च को
Blog March 23, 2026
रायपुर : कुसुम ने दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम से बस्तर हेरिटेज मैराथन में लहराया जीत का परचम
Blog March 23, 2026
रायपुर : प्रतियोगी परीक्षओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा नालंदा परिसर युवाओं को
Blog March 23, 2026

Categories

  • Blog
Copyright © 2024 Bhokochand.com. All Rights Reserved. Design by DEV
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?